फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   saksharatha prerak who won Presidents Award commits suicide after not getting salary in Kerala

Kerala: राष्ट्रपति से पुरस्कार पा चुके साक्षरता कार्यकर्ता ने की खुदकुशी, वेतन न मिलने से था परेशान

Sat, 11 Feb 2023 10:33 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 11 Feb 2023 10:33 PM IST
सार

राज्य साक्षरता प्रेरक संघ के सचिव एए संतोष ने कहा, साक्षरता कार्यकर्ताओं का वर्ष 2017 में सार्वजनिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद न सिर्फ उनके वेतन कम हो गए, बल्कि तनख्वाह का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है। 

विज्ञापन
saksharatha prerak who won Presidents Award commits suicide after not getting salary in Kerala
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोल्लम जिले के साक्षरता कार्यकर्ता ईएस बीजूमन ने कथित तौर पर वेतन न मिलने से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। 

विज्ञापन


पठानपुरम निवासी बीजूमन (49 वर्षीय) केरल साक्षरता प्रेरक संघ से 20 वर्षों से जुड़े थे। बीजूमन प्रखंड स्तर के साक्षरता कार्यकर्ता थे और श्रेष्ठ साक्षरता प्रेरक के तौर पर राष्ट्रपति से पुरस्कार पा चुके थे। 

पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिलने से नाराज संगठन के साक्षरता कार्यकर्ता (प्रेरक) सचिवालय के सामने 82 दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। 

राज्य साक्षरता प्रेरक संघ के सचिव एए संतोष ने कहा, साक्षरता कार्यकर्ताओं का वर्ष 2017 में सार्वजनिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण हो गया था। इसके बाद न सिर्फ उनके वेतन कम हो गए, बल्कि तनख्वाह का भुगतान भी समय पर नहीं हो रहा है। 
विज्ञापन


संगठन के जिला सचिव सीराज ने कहा, बीजूमन कहा करते थे कि किसी को बलिदान देना होगा, तभी न्याय मिलेगा। विपक्षी कांग्रेस व भाजपा ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार को घेरते हुए साक्षरता प्रेरकों की समस्याओं के जल्द से जल्द समाधान की अपील की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा-कांग्रेस ने केरल सरकार पर साधा निशाना
साक्षरता कार्यकर्ता की आत्महत्या के मामले में कांग्रेस और भाजपा ने राज्य की वाम सरकार की कड़ी आलोचना की और राज्य में 'साक्षरता प्रेरकों' के लंबित मानदेय के वितरण के लिए सरकार के तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

इस घटना को 'दर्दनाक' करार देते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को पत्र लिखकर आंदोलनकारी कर्मचारियों के वेतन के शीघ्र वितरण की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार मृतक साक्षरता कर्मी के परिवार की सुरक्षा के लिए कदम उठाए।


पत्र में सतीशन ने कहा कि वह शुक्रवार को बिजूमन की मां और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने गए थे और वे इस बात पर दुख जता रहे थे कि वेतन का भुगतान नहीं होने और उसके बाद की वित्तीय परेशानियों के कारण उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। 

कांग्रेस नेता ने पत्र में कहा कि बिजूमन की मां ने कहा कि उनका बेटा इतनी बुरी हालत में था कि वह एक दिन के लिए भी सब्जी नहीं खरीद सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed