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Illegal mining: अवैध खनन से दुखी संत ने लगाई आग, राजस्थान में खदान बंद कराने के लिए 551 दिन से थे आंदोलनरत

Thu, 21 Jul 2022 05:15 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 21 Jul 2022 05:15 AM IST
सार

संत विजय दास अवैध खनन के खिलाफ पिछले 551 दिन से आंदोलन कर रहे थे। साधु-संतों का कहना है कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ी जगह है, यहां हिंदू धर्मावलंबी परिक्रमा करते हैं, इसलिए यहां वैध और अवैध, दोनों तरह के खनन बंद होने चाहिए।

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saint set fire Saddened by illegal mining in Rajasthan protest from 551 days to close mine
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान में भरतपुर के पसोपा गांव में संत विजय दास ने अवैध खनन के विरोध में खुद को आग लगा ली। पुलिस व अन्य लोगों ने उन्हें फौरन कंबल में लपेट दिया, लेकिन तब तक वह 80 फीसदी जल चुके थे।

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वह साधु-संतों के साथ पिछले 551 दिन से आंदोलन कर रहे थे। दास को भरतपुर के राज बहादुर मेमोरियल अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। राजस्थान के खान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि संत जिन खानों को बंद करने की मांग कर रहे हैं, वे वैध हैं। फिर भी उनकी लीज बदलने पर विचार किया जाएगा।
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साधु-संत क्यों कर रहे विरोध
दरअसल भरतपुर जिले की डीग, कामां तहसील का इलाका 84 कोस परिक्रमा मार्ग में पड़ता है। साधु-संतों का कहना है कि यह धार्मिक आस्था से जुड़ी जगह है, यहां हिंदू धर्मावलंबी परिक्रमा करते हैं, इसलिए यहां वैध और अवैध, दोनों तरह के खनन बंद होने चाहिए।

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