साईबाबा ट्रस्ट ने भी की 'ड्रेस कोड' की वकालत, जानें देश में कहां-कहां उठा यह मुद्दा
महाराष्ट्र के शिरडी में साईबाबा मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से सभ्य तरीके से भारतीय परंपरा के अनुसार कपड़े पहन कर आने की अपील की है। ट्रस्ट ने ऐसे बोर्ड लगाए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वह पूजा और दर्शन करने मंदिर आएं तो भारतीय परंपरा के मुताबिक सभ्य तरीके के परिधानों में आएं।
Saibaba temple trust at Shirdi in Maharashtra puts up boards appealing to devotees to be dressed in 'civilised' manner, or as per 'Indian culture', when they come to offer prayers
— Press Trust of India (@PTI_News) December 1, 2020विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि शिरडी साईबाबा मंदिर न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश और विदेशों में भी लोगों की की आस्था का केंद्र हैं। देश-विदेश से श्रद्धालु साईबाबा के दर्शन के लिए यहां आते हैं। ट्रस्ट का कहना है कि कुछ महिला श्रद्धालु छोटे कपड़े पहन कर आ रही थीं, जिसकी शिकायतें मिलने के बाद यह अपील की गई है।
देश के इन मंदिरों में तय है ड्रेस कोड
महाबलेश्वर मंदिर: कर्नाटक में गोकर्ण स्थित महाबलेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक परिधान पहनने का नियम है। यहां पुरुष श्रद्धालुओं के लिए धोती और महिलाओं के लिए सलवार सूट और साड़ी पहनने का प्रावधान किया गया है। यहां शर्ट-पैंट, हैट, कोट आदि पहने लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
महाकालेश्वर मंदिर: उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महिला श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड साड़ी है और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए धोती है। इन परिधानों को पहने हुए लोगों को ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी जाती है। ये नियम सामान्य लोगों के साथ साध्वियों और साधु-संतों पर भी अनिवार्य रूप से लागू होते हैं।
इसके अलावा सबरीमाला मंदिर, रामेश्वरम, केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर, मध्यप्रदेश के गुना में स्थित जैन मंदिर में भी श्रद्धालुओं के परिधान को लेकर नियम लागू किए गए हैं। वहीं, गुजरात स्थित सोमनाथ ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिर के पुजारियों के लिए ड्रेस कोड तय है। काशी विश्वनाथ मंदिर में भी इसकी बात चल रही है।