साहित्य अकादमी पुरस्कार : हिंदी कवयित्री अनामिका और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली समेत 20 को सम्मान
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साहित्य अकादमी ने शुक्रवार को 20 भाषाओं में अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की। सात कविता-संग्रह, चार उपन्यास, पांच कहानी-संग्रह, दो नाटक, एक-एक संस्मरण और महाकाव्य के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार घोषित किए गए। हिंदी की जानी-मानी कवयित्री अनामिका को साहित्य अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। वहीं कन्नड साहित्य के लिए कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली को इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा जाएगा।
बिहार के मुजफ्फरपुर की हैं अनामिका
प्रख्यात कवयित्री, लेखिका और आलोचक अनामिका को उनके कविता संग्रह 'टोकरी में दिगन्त' के लिए पुरस्कार मिला है। वह मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर की हैं। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी में अंग्रेजी पढ़ाती हैं। उनका कविता संग्रह 'टोकरी में दिगन्त' 2014 में प्रकाशित हुआ था। साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने बताया कि अकादमी ने 20 भाषाओं के लिए अपने वार्षिक साहित्य अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की है।
महाकाव्य के लिए मिला मोइली को सम्मान
वीरप्पा मोइली को उनके महाकाव्य ‘श्री बाहुबली अहिमसादिग्विजयम’ के लिए वर्ष 2020 का साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोइली कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं। वह एक साहित्यकार भी हैं और उन्होंने कन्नड़ भाषा में कई उपन्यास लिखे हैं। उन्हें 2007 में मूर्तिदेवी और 2014 में सरस्वती सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है।
अंग्रेजी में अरुंधति, उर्दू में हुसैन को मिलेगा सम्मान
अंग्रेजी में अरुंधति, उर्दू में हुसैन को मिलेगा सम्मान
अंग्रेजी में अरुंधति सुब्रह्मण्यम को कविता संग्रह ‘व्हेन गॉड इज़ ए ट्रैवलर’ के लिए जबकि उर्दू में हुसैन-उल-हक को उनके उपन्यास ‘अमावस में ख्वाब’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
इन्हें भी साहित्य पुरस्कार से नवाजा जाएगा
- हरीश मीनाश्रु (गुजराती)
- आर.एस. भास्कर (कोंकणी)
- ईरुंगबम देवेन (मणिपुरी)
- रूपचंद हांसदा (संथाली)
- निखिलेश्वर (तेलुगु)
उपन्यास
- नंदा खरे (मराठी), डॉ. महेशचन्द्र शर्मा गौतम (संस्कृत), इमाइयम (तमिल)।
पुरस्कार में एक लाख रुपये व ताम्रफलक मिलेगा
कहानी-संग्रह
अपूर्व कुमार सैकिया (असमिया), (दिवंगत) धरणीधर औवारी (बोडो), (दिवंगत) हृदय कौल भारती (कश्मीरी), कमलकान्त झा (मैथिली) एवं गुरदेव सिंह रूपाणा (पंजाबी)।
नाटक
ज्ञान सिंह (डोगरी) एवं जेठो लालवानी (सिंधी) को नाटक के लिए और शंकर (मणिशंकर मुखोपाध्याय) (बांग्ला) को संस्मरण के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है।
पुरस्कार वितरण की तिथि तय नहीं
मलयालम, नेपाली, ओड़िया और राजस्थानी भाषाओं में पुरस्कार बाद में घोषित किए जाएंगे। पुरस्कार एक जनवरी 2014 से 31 दिसम्बर 2018 के दौरान पहली बार प्रकाशित पुस्तकों के लिए देने का एलान किया गया है। पुरस्कार विजेताओं को पुरस्कार स्वरूप एक उत्कीर्ण ताम्रफलक, शॉल और एक लाख रुपये की राशि दी जाएगी। पुरस्कारों के वितरण की तिथि अभी तय नहीं हुई है।