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सहारनपुर हिंसाः दंगे से जुड़ी मुख्य जो बातें अब तक पता हैं

Thu, 25 May 2017 12:09 PM IST
amarujala.com-Presented by- आनंद
amarujala.com-Presented by- आनंद Updated Thu, 25 May 2017 12:09 PM IST
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Saharanpur Violence: The main things related to the riots are known till now
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पांच मई को ठाकुरों और दलितों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। इस सप्ताह मंगलवार को बसपा प्रमुख मायावती के दौरे के बाद वहां फिर से हिंसा भड़क गई जिसमें एक दलित की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।
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सहारनपुर से 25 किलोमीटर दूर शिमलाना गांव में पांच मई को महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन था, जिसमें शामिल होने के लिए पास के शब्बीरपुर गांव से कुछ लोग शोभा यात्रा निकाल रहे थे। विवाद की शुरुआत इसी घटना से हुई। इसके बाद भड़की हिंसा में ठाकुर जाति के लोगों ने दलितों के घरों में तोड़फोड़ और आगजनी की। तब से इलाके में तनाव बरकरार है। तब से लेकर अब तक सहारनपुर में क्या कुछ हुआ, आईए जानते हैं।
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5 मई, शब्बीरपुर गांव

Saharanpur Violence: The main things related to the riots are known till now
शिमलाना में आयोजित महाराणा प्रताप जयंती में शामिल होने जा रहे युवकों की शोभा यात्रा पर दलितों ने आपत्ति जताई और पुलिस बुला लिया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों तरफ से पथराव होने लगा, इस दौरान ठाकुर जाति के एक युवा की मौत हो गई, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया।

इसके बाद शिमलाना गांव में जुटे हजारों लोग करीब तीन किलोमीटर दूर शब्बीरपुर गांव आ गए। भीड़ ने दलितों के घरों पर हमला कर 25 घर जला दिए। इस हिंसा में 14 दलितों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने दोनों पक्षों के 17 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

दलित समुदाय के लोगों का कहना है कि उनके मुहल्ले में स्थित रैदास मंदिर में अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर गांव के ठाकुर समुदाय ने विरोध जताया था और प्रशासन की इजाजत न मिलने के कारण मूर्ति नहीं लग पाई थी। सहारनपुर की सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षिका नीलम गोपाला के मुताबिक, दलितों में इस बात को लेकर रोष था और जब शोभा यात्रा उनके मुहल्ले से होकर निकली तो उन्होंने इसका विरोध किया।

9 मई, सहारनपुर

Saharanpur Violence: The main things related to the riots are known till now
इस घटना से आक्रोषित दलित युवाओं के संगठन भीम आर्मी ने 9 मई को सहारनपुर के गांधी पार्क में एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में सहारनपुर जिले से करीब हजार प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए लेकिन प्रशासन की इजाजत न होने के कारण पुलिस ने इसे रोकने की कोशिश की।

भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने बीबीसी को बताया कि प्रशासन की ओर से अनुमति न मिलने के कारण प्रदर्शनकारियों में आक्रोश बढ़ा और कई जगहों पर भीड़ और पुलिस में झड़पें हुईं। इस दौरान एक पुलिस चौकी फूंक दी गई, एक बस को जला दिया गया और कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

पुलिस ने इस मामले में भीम आर्मी और उसके संस्थापक चंद्रशेखर पर मुकदमे दर्ज किए गए। सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र दुबे के अनुसार, भीम आर्मी के सदस्यों पर कुल 16 मुकदमे दर्ज हैं जिनमें चंद्रशेखर का नाम भी शामिल है। इनमें से 10 मुकदमे उन पत्रकारों ने दर्ज कराए जिनकी मोटरसाइकिलें क्षतिग्रस्त की गईं।
 
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21 मई, जंतर मंतर, दिल्ली

Saharanpur Violence: The main things related to the riots are known till now
चंद्रशेखर के मुताबिक नौ मई के प्रदर्शन में करीब 37 दलित कार्यकर्ताओं पर मुकदमें दर्ज कर पुलिस ने जेल भेजा है, जबकि करीब 300 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शब्बीरपुर और सहारनपुर की घटना के विरोध में भीम आर्मी ने 21 मई को दिल्ली के जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया था।

इससे एक दिन पहले बीबीसी को दिए साक्षात्कार में चंद्रशेखर ने कहा था कि वो इस प्रदर्शन में सरेंडर करेंगे, हालांकि उन्होंने ऐसा किया नहीं। जंतर मंतर पर भीम आर्मी के हजारों प्रदर्शनकारी पहुंचे और यहां नौ मई के बाद पहली बार चंद्रशेखर सार्वजनिक रूप से सामने आए और भाषण दिया।
 

23 मई, शब्बीरपुर

Saharanpur Violence: The main things related to the riots are known till now
इसके तीन दिन बाद बसपा प्रमुख मायावती शब्बीरपुर के पीड़ित दलित परिवारों को देखने गईं। मायावती सड़क मार्ग से सहारनपुर पहुंचीं और दलित परिवारों से मुलाकात की। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मायावती की सभा से लौट रहे दलितों पर ठाकुर समुदाय के लोगों ने हमला किया, जिसमें एक 24 साल के दलित युवक की मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हो गए।

24 मई, सहारनपुर

तनाव और हिंसा पर काबू न पाने के कारण सहारनपुर के दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, एसएसपी और जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने निलंबित कर दिया और कमिश्नर को भी हटा दिया। ताजा हिंसा भड़कने पर उत्तर प्रदेश सरकार ने मायावती के दौरे को जिम्मेदार बताया।

पीटीआई ने यूपी पुलिस प्रमुख सुलखान सिंह के हवाले से कहा है, "मैं राजनेताओं को सहारनपुर का दौरा करने की इजाजत नहीं भी दे सकता हूं।" इलाके में तनाव बरकार है और सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गये हैं।
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