2019 तक यूपी में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाए रखेगा भगवा परिवार
पीएम मोदी के मिशन को ध्यान में रखते हुए भगवा परिवार 2019 तक यूपी में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की अलख जगाए रखेगा। मोदी के योग के बाद 25 जून से संघ का स्वदेशी जागरण मंच यूपी में चाइनीज वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान शुरू करेगा। चीन के वस्तुओं के खिलाफ अभियान की शुरूआत भी पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से होगी। इसी तरह से संघ परिवार के अन्य संगठन भी यूपी में आने वाले समय में अलग—अलग मुद्दों को लेकर अपना अभियान चलाएंगे। दरअसल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पीएम मोदी के लखनउ स्थित आयोजन में शामिल होने को मिशन 2019 से जोडकर देखा जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2014 की भाजपा की ऐतिहासिक जीत में यूपी की 70 से ज्यादा सीटों पर मिली पार्टी की सफलता का अहम योगदान रहा है।
अब मोदी को दोबारा से 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत दिलाने के लिए भगवा परविार की नजर यूपी पर है। यही वजह है कि विकास के प्रयासों के इतर भगवा परिवार देश के सबसे बडे प्रदेश यूपी में किसी न किसी बहाने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मुद्दों आगे रखने के प्रयास में है। योग दिवस के अवसर पर पीएम मोदी का लखनउ के कार्यक्रम में शामिल होना भी भगवा परिवार के रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब संघ का संगठन स्वदेशी जागरण मंच चीन के वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं की पैरोकारी की तान छेडने जा रहा है।
क्या है संघ की स्वदेशी संकल्प यात्रा 28 जून से पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से शुरू होने जा रही 90 दिनों की स्वदेशी संकल्प यात्रा की शुरूआत भारत माता मंदिर से होगी। स्वदेशी जागरण मंच के पूर्वी यूपी के संगठन मंत्री अजय उपाध्याय ने यात्रा की जानकारी अमर उजाला को देते हुए बताया कि 28 जून को वाराणसी से शुरू होने वाली स्वदेशी संकल्प यात्रा पूर्वी यूपी के सभी 28 जिलों से गुजरेगी। यात्रा के जरिए चित्रकुट के गांवों में भी संपर्क होगा। मुख्य फोकस काशी और गोरखपुर क्षेत्र के जिले हैं। यात्रा का समापन भाजपा के विचार पुरूष कहे जाने वाले दीन दयाल उपाध्याय की 101वीं ज्यंती के अवसर पर 25 सितंबर को बलिया में होगा।
चीन के वस्तुओं के खिलाफ जनता में आक्रोश पैदा करने पर जोर
अजय उपाधयाय का कहना है कि स्वदेशी संकल्प यात्रा का मुख्य उद्देश्य जनता के बीच स्वदेशी को बढावा देने के लिए जोश पैदा करना है। मगर चीन के वस्तुओं के खिलाफ जनता में आक्रोश भी पैदा किया जाएगा। भारत के खिलाफ आतंकवाद की खेती कर रहे पाकिस्तान को चीन समर्थन कर रहा है। इसलिए यात्रा के जरिए हम जनता के बीच चीन की वस्तुओं के खिलाफ अपील करेंगे। ताकि आर्थिक मार के वजह से चीन अपना नापाक सहयोग पाकिस्तान को बंद करे। पिछले वर्ष दिवाली के अवसर पर चीन के वस्तुओं के विरोध की मुहिम रंग लाई थी। चीन को करीब 10 हजार करोड रूपए का नुकशान हुआ था।
8 से 17 अक्टूबर तक लगेंगे स्वदेशी मेले
स्वदेशी उत्पादों को बल प्रदान करने के लिए यूपी के सभी प्रमुख जिलों में 8 से 17 अक्टूबर तक स्वदेशी मेलों का आयोजन होगा। इसके बाद 29 अक्टूबर को दिल्ली में स्वदेशी संकल्प रैली का आयोजन होगा। रैली के जरिए देश की जनता से चीन के वस्तुओं के बहिष्कार की अपील की जाएगी।