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Money laundering Case: बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मांगी जमानत
Wed, 16 Nov 2022 01:28 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 16 Nov 2022 01:28 AM IST
सार
विशेष अदालत के न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई 18 नवंबर के लिए स्थगित कर दी।
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सचिन वाजे
- फोटो : social media
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विस्तार
महाराष्ट्र के बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ने मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में विशेष अदालत के समक्ष जमानत याचिका दायर की। सीआरपीसी की धारा 88 के तहत जमानत के लिए वाजे का यह दूसरा आवेदन था। उनकी जमानत याचिका में कहा गया है कि वाजे को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया है, इसलिए उनको जमानत दी जाए।
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याचिका में कहा गया कि अदालत ने उन मामलों में अभियुक्तों को जमानत दे दी है जहां उन्हें जांच के चरण के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया, वहीं याचिका में अदालत से वाजे को जमानत देने का अनुरोध किया। विशेष अदालत के न्यायाधीश आरएन रोकड़े ने दोनों पक्षों की संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद मामले की सुनवाई 18 नवंबर के लिए स्थगित कर दी।
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सीबीआई वाले मामले में फिलहाल जेल में ही हैं अनिल देशमुख
बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख को चार अक्तूबर को जमानत दे दी थी। जमानत एक लाख रुपये के मुचलके पर दी गई थी। हालांकि, यह जमानत ईडी के केस में मिली थी इसलिए वे अभी सीबीआई वाले मामले में फिलहाल जेल में ही हैं।
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देशमुख ने गलत तरीके से अर्जित धन को धर्मार्थ में लगाया
बता दें कि ईडी की जांच के बाद नवंबर, 2021 में देशमुख को गिरफ्तार कर लिया गया था। ईडी ने अनिल देशमुख पर उगाही के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। ईडी के अनुसार देशमुख ने मुंबई के विभिन्न बार और रेस्तरां से करीब 4.7 करोड़ रुपये एकत्र किए। इसके साथ ही आरोप लगा कि देशमुख ने गलत तरीके से अर्जित धन को नागपुर स्थित श्री साईं शिक्षण संस्थान को मुहैया कराया, जो उनके परिवार के जरिए नियंत्रित एक शैक्षिक ट्रस्ट है।