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महाराष्ट्र: 19 वर्षीय दीप्ति की सहायता के लिए आगे आए सचिन तेंदुलकर, डॉक्टर बनने में करेंगे मदद
Wed, 28 Jul 2021 07:42 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रत्नागिरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रत्नागिरी
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 28 Jul 2021 07:42 AM IST
सार
महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के जारे गांव की रहने वाली उन्नीस वर्षीय दीप्ति विश्वासराव अपने गांव की पहली लड़की है जो महिला डॉक्टर बनने की राह पर है, उनकी मदद के लिए सचिन तेंदुलकर आगे आए हैं।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले की 19 वर्षीय दीप्ति विश्वासराव की सहायता के लिए आगे आए हैं। दीप्ति विश्वासराव रत्नागिरी जिले का जारे गांव की निवासी है और अपने गांव की पहली महिला डॉक्टर बनने की ओर अग्रसर है। भले ही वह हर समय एक मेधावी छात्रा थी और हमेशा एक डॉक्टर बनने का सपना देखती थी, लेकिन उसके लिए इस लक्ष्य तक पहुंचना कभी भी इतना आसान नहीं था। कोरोना लॉकडाउन के दौरान वह हर रोज गांव से एक किलोीटर का सफर करती थी ताकि अपनी पढ़ाई ऑनलाइन जारी रख सके।
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दीप्ति की कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने नीट परीक्षा सफलतापूर्वक पास किया और अकोला में सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्राप्त किया। लेकिन यह पर्याप्त नहीं था, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के बाद वह अपने पिता की मामूली आय के कारण फीस और अन्य खर्चों को वहन करने में असमर्थ थी। दीप्ति के रिश्तेदारों ने फीस में योगदान दिया लेकिन फिर भी उसके पास छात्रावास और अन्य खर्चों के लिए धन की कमी थी।
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जब वह उम्मीद खो रही थी तभी सचिन तेंदुलकर आगे आए और सेवा सहयोग फाउंडेशन (एसएसएफ) के सहयोग से सुनिश्चित किया कि दीप्ति अपने सपनों को पूरा करे और गांव की पहली लड़की डॉक्टर बनने की आकांक्षाओं को साकार करने के लिए अच्छी तरह से मेहनत करे।
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एसएसएफ के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो संदेश में दीप्ति ने कहा, मैं सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की आभारी हूं, जिन्होंने मुझे छात्रवृत्ति प्रदान की है। छात्रवृत्ति ने मेरे वित्तिय बोझ को हल्का कर दिया है जिससे मुझे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रीत करने के लिए समय मिल गया है। अब डॉक्टर बनने का मेरा सपना पूरा हो सकेगा और सरकारी मेडिकल कॉलेज अकोला में यह वास्तविक बन रहा है। मैं वादा करती हूं कि मैं कड़ी मेहनत करूंगी और एक दिन मैं अन्य प्रतिभाशाली छात्रों को उनके सपने को पूरा करने में मदद कर पाऊंगी, जैसे सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ने मुझे प्रदान की है।
दूर-दराज के गांव में अपने परिवार तक पहुंचने की चुनौतियों के बावजूद तेंदुलर ने एसएसएफ के अधिकारियों के साथ यह सुनिश्चित किया कि कम समय में आवश्यक धन की व्यवस्था की जाए। दीप्ति फाउंडेशन और विद्यार्थी विकास योजना (वीवीवाई)- एसएसएफ की एक परियोजना के माध्यम से सचिन तेंदुलकर के साझेदारी के कई लाभार्थियों में से एक है। यह परियोजना उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए समाज के वंचित वर्ग के छात्रों को वित्तिय सहयता प्रदान करने की दिशा में काम करती है।