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सबरीमाला: महिलाओं को मंदिर में प्रवेश के खिलाफ खड़ी हुईं महिलाएं, पूजा के लिए आज खोले जाएंगे कपाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Updated Wed, 17 Oct 2018 03:31 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को पहली बार सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खोले जाएंगे। इस बीच, कोर्ट के आदेश को लेकर विरोध तेज हो गया है। महिलाओं को मंदिर में प्रवेश से रोकने के खिलाफ महिलाएं ही खड़ी हो गई हैं।
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भले ही केरल सरकार महिलाओं के प्रवेश को लेकर तैयारियां पूरी होने का दावा कर रही है, लेकिन मंगलवार को विरोध कर रही महिला श्रद्धालुओं ने एक भी गाड़ी को नीलाक्कल से आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान पुलिस इंतजाम भी नाकाफी दिखे।
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भगवान अयप्पा मंदिर से 20 किमी पहले बेस कैंप नीलाक्कल में गाड़ियों को रोका जा रहा है। पारंपरिक साड़ी पहने महिलाओं के समूह हर गाड़ी की तलाशी ले रहे हैं। गाड़ियों से 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को बाहर निकाला जा रहा है। निजी वाहनों के साथ ही राज्य परिवहन की बसों को भी आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
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विरोध कर रही एक महिला ने कहा, ‘प्रतिबंधित आयु वर्ग की किसी भी महिला को निलाक्कल से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।’ इतना ही नहीं यात्रा को कवर करने पहुंची महिला पत्रकारों को भी बेस कैंप से आगे जाने की इजाजत नहीं दी गई।
महिला ने किया आत्महत्या का प्रयास
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध कर रही एक महिला ने मंगलवार को खुलेआम फांसी लगाने का प्रयास भी किया। महिला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हर उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी है, जो उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। महिला ने कहा कि वे लोग यह खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री पी. विजयन ने विरोध कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी श्रद्धालुओं का रास्ता रोकेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हर हाल में लागू करेगी।
मुख्यमंत्री ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री पी. विजयन ने विरोध कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि कोई भी श्रद्धालुओं का रास्ता रोकेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि सरकार पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले को हर हाल में लागू करेगी।
सरकार के खिलाफ उतरे लोग, अध्यादेश लाए केंद्र सरकार
सरकार के फैसले के खिलाफ सचिवालय के बाहर श्रद्धालुओं का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। भगवना अय्यपा के श्रद्धालु लगातार प्रार्थना सभा और रैलियां निकाल रहे हैं। इन रैलियों में काफी संख्या में महिलाएं शिरकत कर रही हैं, जिनमें बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं शिवसेना की राज्य इकाई ने ‘सामूहिक आत्महत्या’ की चेतावनी दी है।
अध्यादेश लाए केंद्र सरकार
एरूमेली। पत्तनमथिट्टा से लोकसभा सांसद एंटो एंटनी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अध्यादेश लाया जाए। एंटनी ने कहा कि भगवान अयप्पा का चरित्र ‘अनंत ब्रह्मचारी’ है। यहां 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।
अध्यादेश लाए केंद्र सरकार
एरूमेली। पत्तनमथिट्टा से लोकसभा सांसद एंटो एंटनी ने मंगलवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अध्यादेश लाया जाए। एंटनी ने कहा कि भगवान अयप्पा का चरित्र ‘अनंत ब्रह्मचारी’ है। यहां 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को जाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए।