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Maharashtra Politics:शिवसेना (उबाठा) का दावा- सुनेत्रा के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का ‘सूत्रधार’ भाजपा नेत
Mon, 02 Feb 2026 06:11 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 02 Feb 2026 06:11 PM IST
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सुनेत्रा पवार-डिप्टी सीएम
- फोटो : एएनआई
विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) ने सोमवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के पीछे का 'सूत्रधार' भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व है। बता दें कि सुनेत्रा पवार ने अपने पति अजित पवार के निधन के बाद उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली।
शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेतृत्व और राकांपा नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल राकांपा के दोनों धड़ों का विलय नहीं चाहते हैं। पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में राकांपा नेता एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत के ठीक तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे तेजी से घटे इस घटनाक्रम को लेकर कुछ वर्गों से आलोचना भी हुई।
सामना में दावा किया गया है कि शरद पवार को सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो राकांपा (शप) अध्यक्ष शरद पवार, न ही उसकी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी। संपादकीय में यह भी कहा गया कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई रवाना होने का जरा-सा भी संकेत नहीं दिया था।
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उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई थी
शिवसेना (उबाठा) का दावा किया है कि भाजपा नेतृत्व इस पूरी राजनीति का सूत्रधार है। अजित पवार की मृत्यु के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि इन मुद्दों का समाधान न हो। संपादकीय में दावा किया गया है कि अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के कुछ नेता अधिक महत्वाकांक्षी हो गए और पार्टी के भीतर उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई। पटेल और तटकरे के बीच मतभेद हैं। सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री इसलिए बनाया गया क्योंकि ‘पाटिल-पवार की पार्टी पटेल के हाथों में नहीं जानी चाहिए।
वह गूंगी गुड़िया- सामना
इसमें आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार को कमान सौंपी गई, लेकिन इसका इंजन और नियंत्रण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है। सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों का अस्तित्व फडणवीस की मेहरबानी पर निर्भर है।
संपादकीय में कहा गया है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद महज दिखावटी नहीं होना चाहिए। इसमें यह भी आशा व्यक्त की गयी है कि वह गूंगी गुड़िया न होकर प्रभावी ढंग से काम करेंगी। राकांपा का सनातनी विचारधारा वाली भाजपा के साथ गठबंधन है और सुनेत्रा पवार द्वारा अपने पति के अंतिम संस्कार के बाद की रस्मों के पूरा होने से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।
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शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में यह भी आरोप लगाया गया है कि भाजपा नेतृत्व और राकांपा नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल राकांपा के दोनों धड़ों का विलय नहीं चाहते हैं। पुणे जिले के बारामती में एक विमान दुर्घटना में राकांपा नेता एवं उप मुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत के ठीक तीन दिन बाद सुनेत्रा पवार ने शनिवार को राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे तेजी से घटे इस घटनाक्रम को लेकर कुछ वर्गों से आलोचना भी हुई।
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सामना में दावा किया गया है कि शरद पवार को सुनेत्रा पवार के शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। सामना में कहा गया है कि महाराष्ट्र के सामने सवाल यह है कि सुनेत्रा पवार ने किसकी इच्छा पर उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली, क्योंकि न तो राकांपा (शप) अध्यक्ष शरद पवार, न ही उसकी कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और न ही पवार परिवार के किसी सदस्य को इसकी जानकारी थी। संपादकीय में यह भी कहा गया कि सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बारामती से मुंबई रवाना होने का जरा-सा भी संकेत नहीं दिया था।
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उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई थी
शिवसेना (उबाठा) का दावा किया है कि भाजपा नेतृत्व इस पूरी राजनीति का सूत्रधार है। अजित पवार की मृत्यु के बाद पवार परिवार और महाराष्ट्र की राजनीति में जटिलताएं बढ़ गई हैं। कई लोग चाहते हैं कि इन मुद्दों का समाधान न हो। संपादकीय में दावा किया गया है कि अजित पवार की मृत्यु के बाद राकांपा के कुछ नेता अधिक महत्वाकांक्षी हो गए और पार्टी के भीतर उपमुख्यमंत्री पद के लिए होड़ मच गई। पटेल और तटकरे के बीच मतभेद हैं। सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री इसलिए बनाया गया क्योंकि ‘पाटिल-पवार की पार्टी पटेल के हाथों में नहीं जानी चाहिए।
वह गूंगी गुड़िया- सामना
इसमें आरोप लगाया गया है कि सुनेत्रा पवार को कमान सौंपी गई, लेकिन इसका इंजन और नियंत्रण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथ में है। सुनेत्रा पवार और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना दोनों का अस्तित्व फडणवीस की मेहरबानी पर निर्भर है।
संपादकीय में कहा गया है कि सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री पद महज दिखावटी नहीं होना चाहिए। इसमें यह भी आशा व्यक्त की गयी है कि वह गूंगी गुड़िया न होकर प्रभावी ढंग से काम करेंगी। राकांपा का सनातनी विचारधारा वाली भाजपा के साथ गठबंधन है और सुनेत्रा पवार द्वारा अपने पति के अंतिम संस्कार के बाद की रस्मों के पूरा होने से पहले ही शपथ लेना हिंदुत्व की मान्यताओं के अनुरूप नहीं है।