फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   S Jaishankar says India has to be prepared for growing power of China

India-China Ties: जयशंकर ने भारत-चीन संबंधों पर चर्चा की, कहा- बीजिंग की बढ़ती ताकतों के लिए तैयार रहना होगा

Sat, 18 Jan 2025 11:49 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 18 Jan 2025 11:49 PM IST
सार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुंबई में एक व्याख्यान में पिछले दशकों में चीन के साथ भारत के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूर्व के नीति-निर्माताओं द्वारा की गई 'गलत व्याख्याओं' ने सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों को बाधित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दशक में हालात में बदलाव आया है।

विज्ञापन
S Jaishankar says India has to be prepared for growing power of China
विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत-चीन संबंधों में 2020 के बाद की सीमा स्थिति के चलते जटिलताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि अब इन संबंधों के दीर्घकालिक विकास पर अधिक विचार करने की आवश्यकता है। 

विज्ञापन


विदेश मंत्री ने मुंबई में एक व्याख्यान में पिछले दशकों में चीन के साथ भारत के संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूर्व के नीति-निर्माताओं द्वारा की गई 'गलत व्याख्याओं' ने सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों को बाधित किया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दशक में हालात में बदलाव आया है।
विज्ञापन


भारत-चीन के बीच संबंध हमेशा आसान नहीं रहे: जयशंकर
उन्होंने कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता दोनों देशों के रिश्तों की नींव होनी चाहिए। भारत और चीन के बीच संबंध हमेशा से आसान नहीं रहे हैं, क्योंकि सीमा विवाद और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक प्रणालियां इसे और मुश्किल बनाती हैं। उन्होंने कहा कि इसका एक बड़ा कारण यह है कि दोनों देश उन्नति कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


जयशंकर ने कहा कि भारत को 'चीन की बढ़ती क्षमताओं' का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए, भारत की व्यापक राष्ट्रीय शक्ति का अधिक तेजी से विकास आवश्यक है। 

जयशंकर ने भारत के दृष्टिकोण को तीन पहलुओं में बांटा
उन्होंने कहा कि यह केवल सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों में सुधार करने की बात नहीं है, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में निर्भरता को कम करने की भी बात है। उन्होंने भारत के दृष्टिकोण को तीन पहलुओं में बांटा- आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हित। 

21 अक्तूबर को, भारत और चीन की सेनाओं ने डेमचोक और देपसांग क्षेत्रों से सैनिकों की वापसी पूरी कर ली। 

जयशंकर ने यह भी कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को समझने से हमें पता चलेगा कि ये दोनों देशों और वैश्विक व्यवस्था के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। 

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका-चीन के बदलते रुख का भी उल्लेख किया
उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बदलते रुख का भी उल्लेख किया और कहा कि यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का विस्तार है, जो शुरू में आसियान पर केंद्रित थी। उन्होंने कहा कि यह जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ गहरे जुड़ाव को भी दर्शाता है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने क्वाड समूह की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसने जलवायु, आपूर्ति श्रृंखला और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। 


आईएमईसी एक नया लॉजिस्टिक टेम्पलेट पेश करता है: जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी) एक नया लॉजिस्टिक टेम्पलेट पेश करता है। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में भारत ने विभिन्न मुद्दों पर कई देशों के साथ लगभग 40 सहयोगी प्रयास किए हैं, जो भारत की रणनीतिक प्राथमिकताओं को बनाए रखते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed