रूस ने किया सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन, कहा- पाक से ही आए थे उड़ी के हमलावर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रूस ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों को मारने की भारतीय सेना की कार्रवाई का समर्थन किया है। भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन करने वाले बतौर पहले पी-5 देश रूस ने कहा कि प्रत्येक देश को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। भारत में रूस के राजदूत एलेक्जेंडर एम. कदाकिन ने कहा, ‘भारत में सैन्य ठिकानों और बेकसूर नागरिकों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तान समर्थित आतंकियों मानवाधिकार का सबसे बड़ा उल्लंघन किया है।’ रूस पहला ऐसा देश है जिसने बेबाकी से कहा कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे और पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद पर नकेल कसने की हिदायत दी।
रूसी राजदूत ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि रूस ने हमेशा से भारत में सीमा पार से अंजाम दी जाने वाली आतंकी गतिविधियों का विरोध किया। पाक समर्थित आतंकवाद की निंदा करते हुए रूसी राजदूत हमेशा भारत के साथ खड़े रहने की बात कही और साथ ही पाक को हिदायत दी कि वह आतंकवाद को रोके। उन्होंने कहा कि आतंकी गतिविधियों से सबसे ज्यादा मानवाधिकारों को चोट पहुंचती है, जो कि किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
रूसी राजदूत ने कहा कि उनका देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा भारत के साथ खड़ा है और पीओके में भारतीय सेना के द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक का स्वागत करता है।
'बाज आए पाकिस्तान, रूस हमेशा भारत के साथ'
पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अंतर्राष्ट्रीय मंचो पर सहानुभूति तलाश रहे पाक को रूसी राजदूत की एक बात और नागवार गुजर सकती है। एलेक्जेंडर एम. कदाकिन ने साफ कहा कि पिछले दिनों पाक और रूस का संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत के हित में ही था। रूस ने इस अभ्यास के दौरा पाक सैनिकों को यह सिखाया कि वे भारत के खिलाफ होने वाली आतंकी गतिविधियों को कैसे रोकें और आतंवादियों के सिर कैसे कुचलें।
रूसी राजदूत ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान के साथ उसके देश का साझा सैन्य अभ्यास ऐसी किसी भी संवेदनशील जगह पर नहीं हुआ जिससे भारत को चिंता करनी पड़े।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद कई देशों ने भारत का समर्थन किया और अब रूस के रुख से पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी है। ऐसे पाक पीएम के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई कि कैसे वह अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ महौल बनाएं। इसी को लेकर नवाज ने पाक में एक सूत्रीय मुद्दे पर आधारिक सर्वदलीय बैठक तक बुलाई। जिसमें वे लोग भी शामिल हुए जो नवाज को पानी पीकर कोसते हैं। इनमें इमरान खान की पार्टी के नुमाइंदे और बिलावल भुट्टों भी शामिल रहे।