संकट: खुफिया, तकनीक व हथियारों से ईरान की मदद कर रहा रूस, सहयोग की रणनीति से मास्को की अपने हितों पर पैनी नजर
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के संघर्ष के बीच रूस की भूमिका चर्चा में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंपने कहा कि रूस थोड़ी मदद कर रहा है, जबकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे अहम बताया। विशेषज्ञों के अनुसार, रूस ईरान को सैटेलाइट खुफिया जानकारी, ड्रोन तकनीक और हथियार देता है, लेकिन यह सीमित और रणनीतिक मदद है।
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अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच रूस की भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मॉस्को थोड़ी बहुत मदद कर रहा है, वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सैन्य सहयोग को अच्छा बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार रूस अपने हितों पर पैनी नजर रखते हुए ईरान को सैटेलाइट खुफिया जानकारी, ड्रोन तकनीक और हथियारों के रूप में सहयोग दे रहा है, लेकिन यह मदद निर्णायक नहीं बल्कि सीमित और रणनीतिक संतुलन बनाए रखने वाली है।
रिपोर्टों के अनुसार रूस ईरान को अमेरिकी युद्धपोतों और विमानों की लोकेशन से जुड़ी सैटेलाइट और इंटेलिजेंस जानकारी उपलब्ध करा रहा है। यह डेटा मुख्यतः रूस के लियाना सैटेलाइट सिस्टम से आता है, जिसे खास तौर पर अमेरिकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप्स की निगरानी और टारगेटिंग के लिए विकसित किया गया है।
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क्या कर सकता है रूस?
जेम्सटाउन फाउंडेशन के सीनियर फेलो पावेल लुजिन के मुताबिक रूस सैद्धांतिक रूप से ईरान के खय्याम सैटेलाइट से प्राप्त ऑप्टिकल इमेजिंग डेटा को प्रोसेस कर सकता है और अपने अन्य सैटेलाइट्स की जानकारी भी साझा कर सकता है। हालांकि, पेंटागन ने ईरान के उस दावे को खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर हमला किया।
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एयर डिफेंस सिस्टम से लेकर अन्य मदद
रूस ने ईरान को एयर डिफेंस सिस्टम, लड़ाकू और ट्रेनर जेट, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और स्नाइपर राइफल्स जैसे हथियारों की आपूर्ति की है। यूक्रेन के पूर्व उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इहोर रोमानेंको के अनुसार 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद रूस ने ईरान को इंटेलिजेंस, डेटा, विशेषज्ञ और हथियारों के कंपोनेंट्स देना जारी रखा है।
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