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भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का हकदार, करेंगे पूरा समर्थन: रूस

Tue, 23 Jun 2020 04:57 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 23 Jun 2020 04:57 PM IST
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Russia India China virtual meeting S jaishankar says leading voices of world must be exemplars in every way
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव - फोटो : ANI

रूस, भारत और चीन (RIC) के विदेश मंत्रियों के बीच मंगलवार को आभासी बैठक शुरू हो गई। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, 'दुनिया की प्रमुख आवाजों को हर तरह से अनुकरणीय होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना, साझेदारों के वैध हित को पहचानना, बहुपक्षवाद का समर्थन करना और अच्छाई को बढ़ावा देना ही एक टिकाऊ विश्व व्यवस्था का निर्माण करने का रास्ता है।'

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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही बैठक में उन्होंने कहा, 'यह विशेष बैठक हमारे लंबे समय से चल रहे अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों में विश्वास को दोहराती है, लेकिन आज चुनौती अवधारणाओं और मानदंडों की नहीं बल्कि समान रूप से इसपर अभ्यास की हैं।' 
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भारत, रूस और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच जारी आभासी बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए स्थायी सदस्यता की मांग भी उठी। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि बैठक में संयुक्त राष्ट्र में संभावित सुधारों और भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनाने की बात भी उठी। उन्होंने कहा कि हमें लगता है कि भारत इसका पूर्णकालिक सदस्य बनने का हकदार है और हम भारत की दावेदारी का पूरा समर्थन करेंगे। 

इस दौरान उन्होंने डॉक्टर कोटनिस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर कोटनिस उन पांच भारतीय डॉक्टरों में शामिल थे जो दूसरे चीन-जापान युद्ध के दौरान वर्ष 1938 में चिकित्सा सहायता देने के लिए गए थे। 

रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि उम्मीद है स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहेगी

सीमा पर भारत और चीन के बीच चल रहे विवाद पर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारत और चीन को बाहर से कोई मदद चाहिए। किसी को उनकी मदद करने की आवश्यकता नहीं है, खासकर जब यह देश के मुद्दों पर आता है। वे अपने विवाद को खुद के दम पर सुलझा सकते हैं। रूस-भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक में रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहेगी और दोनों देश विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली और बीजिंग ने शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों ने रक्षा अधिकारियों, विदेश मंत्रियों के स्तर पर बैठकें शुरू कीं और दोनों पक्षों में से किसी ने भी ऐसा कोई बयान नहीं दिया, जिससे यह संकेत मिले कि उनमें से कोई भी गैर-कूटनीतिक तरीके से विवाद का समाधान चाहता है।
 

बता दें कि लद्दाख के गलवां घाटी में सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद यह पहली बार है जब विदेश मंत्री अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ आमने-सामने बैठक कर रहे हैं। 
 

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