{"_id":"634f36940cd44f39556580bf","slug":"russia-ak-203-will-start-making-in-india-by-december","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि : बढ़ेगी सेना की ताकत, दिसंबर तक भारत में बनने लगेगी रूस की एके-203, यूपी में होगी तैयार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
उपलब्धि : बढ़ेगी सेना की ताकत, दिसंबर तक भारत में बनने लगेगी रूस की एके-203, यूपी में होगी तैयार
Wed, 19 Oct 2022 04:58 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 19 Oct 2022 04:58 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्टरी में इसे बनाया जाएगा। रूस की सरकारी रक्षा इकाई के अधिकारी ने बताया कि भारत और रूस का यह संयुक्त उद्यम भविष्य में और भी उत्पादन कर सकता है।
विज्ञापन
AK–203
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिजली की रफ्तार से चलने वाली रूस की एके-203 राइफल दिसंबर तक भारत में बननी शुरू हो जाएगी। रूस की सरकारी रक्षा इकाई रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के महानिदेशक अलेक्सांद्र मिखीव ने यह जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के कोरवा में स्थित ऑर्डिनेंस फैक्टरी में इसे बनाया जाएगा।
विज्ञापन
मिखीव ने कहा, हमारी योजनाओं में भारत में प्रसिद्ध रूसी असॉल्ट राइफलों के उत्पादन का 100 प्रतिशत स्थानीयकरण शामिल है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और रूस का यह संयुक्त उद्यम भविष्य में और भी उत्पादन कर सकता है। इसके अलावा यह कंपनी गुजरात के गांधीनगर में 18-22 अक्तूबर तक चलने वाले डेफएक्स्पो कार्यक्रम में भी भाग ले रही है।
विज्ञापन
सेना और अन्य एजेंसियों को उपलब्ध कराने पर चर्चा
रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के बयान के मुताबिक, डेफएक्स्पो कार्यक्रम में कंपनी असॉल्ट राइफल को अनुकूलित करने और सेना के जवानों को हथियारों से लैस करने के लिए डिजाइन किए गए अतिरिक्त आधुनिक उपकरणों की एक विस्तृत शृंखला पेश करेगी। साथ ही कंपनी सशस्त्र बलों और देश की अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एके-203 के उत्पादन और आपूर्ति पर चर्चा भी करेगी।
विज्ञापन
भारत, ब्रिटेन के रक्षा उद्योगों ने बनाया संयुक्त कार्य समूह
भारत और ब्रिटेन के रक्षा उद्योग संगठनों ने आपसी सहयोग को अधिक असरदार बनाने के लिए एक नया संयुक्त कार्य समूह बनाया है। ब्रिटिश उच्चायोग ने मंगलवार को कहा कि इस पहल को ब्रिटिश सरकार का भी समर्थन हासिल है। इस समूह का गठन दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सामरिक भागीदारी बढ़ाने के लिए किया गया है।