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Puja Khedkar: पूजा के विकलांगता सर्टिफिकेट में नियमों की अनदेखी; सात फीसदी डिसेबिलिटी पर ही प्रमाण-पत्र जारी
Tue, 16 Jul 2024 04:38 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Tue, 16 Jul 2024 04:38 PM IST
सार
पुणे पुलिस पूजा खेडकर के चिकित्सीय प्रमाण पत्रों (मेडिकल सर्टिफिकेट्स) की सत्यता की जांच करेगी। ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर शारीरिक विकलांगता वर्ग के तहत गलत तरीके से फायदा लेने का आरोप है।
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पूजा खेडकर मामले में नया खुलासा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र कैडर की प्रशिक्षु आईएएस पूजा खेडकर से जुड़े विवाद बढ़ते ही जा रहे हैं। पूजा को लेकर हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच पूजा के विकलांगता प्रमाण पत्र को लेकर यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल के डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने अहम जानकारी दी है। उनके मुताबिक, पूजा के विकलांगता प्रमाणपत्र को जारी करते हुए नियमों का पालन नहीं किया गया। वाबले ने बताया कि परीक्षण के दौरान पता चला कि पूजा के बाएं घुटने में एक पुरानी एसीएल चोट है। ऐसे में उनके घुटने में सात प्रतिशत स्थायी विकलांगता है। हालांकि यह सरकारी लाभ लेने के लिए विकलांगता के तय बेंचमार्क से बेहद कम है। इतने कम प्रतिशत का तात्पर्य शरीर में किसी तरह की विकलांगता का न होना है।
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उन्होंने बताया कि वाईसीएम अस्पताल द्वारा अगस्त 2022 में उन्हें विकलांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया था। उनके शारीरिक परीक्षण किया गया था जिसमें पूजा के बाएं घुटने में 7% की लोकोमोटर विकलांगता पाई गई थी। डीन डॉ. राजेंद्र वाबले ने यह भी बताया कि सरकार द्वारा दिए गए लाभों का लाभ उठाने के लिए विकलांगता का बेंचमार्क 40% है। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि मात्र सात प्रतिशत विंकलांगता के बाद भी कैसे उन्हें प्रमाणपत्र जारी किया गया।
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वहीं, कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि विवादित आईएएस ने अलग-अलग पतों पर अलग-अलग शहरों में विकलांगता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदनगर के जिला अस्पताल ने पूजा को साल 2018 में विजुअल डिसेबिलिटी का प्रमाणपत्र और साल 2021 में मानसिक विकलांगता का प्रमाणपत्र जारी किया था। इसके बाद भी पूजा ने साल 2022 में पुणे के वाईसीएम और जिला अस्पताल में विकलांग प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था।
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इस बीच, खबर आई है कि पुणे पुलिस पूजा खेडकर के चिकित्सीय प्रमाण पत्रों (मेडिकल सर्टिफिकेट्स) की सत्यता की जांच करेगी। ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर पर शारीरिक विकलांगता वर्ग के तहत गलत तरीके से फायदा लेने का आरोप है। 2023 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर का बीते दिनों ही पुणे से वाशिम जिले में ट्रांसफर किया गया था।
आईएएस पूजा खेडकर के चिकित्सीय प्रमाण पत्रों की सत्यता की होगी जांच
महाराष्ट्र कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर पर गलत तरीके से संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास करने का आरोप है। जिसमें उन्होंने खुद को कई शारीरिक समस्याएं होने का दावा किया था। आईएएस पूजा खेडकर ने संघ लोक सेवा आयोग में अपने कई चिकित्सीय प्रमाण पत्र जमा किए थे, जिनमें से एक प्रमाण पत्र में उन्होंने आंखों में परेशानी बताई थी, जिसकी वजह से उन्होंने देखने में थोड़ी समस्या होने का दावा किया था। आईएएस अधिकारी ने खुद को ओबीसी नॉन क्रीमी लेयर वर्ग से संबंधित बताया था, लेकिन उनकी संपत्ति और उनके पिता की संपत्ति को लेकर जो खुलासा हुआ है, उसके बाद उनके इस दावे पर भी शंका जाहिर की जा रही है।