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Hindi News ›   India News ›   RTI report In the financial year 2021-22 more than one crore 60 lakh waitlisted passengers could not travel

रिपोर्ट: व्यस्त मार्गों पर ट्रेनों की कमी, 2021-22 के दौरान वेटिंग वाले 1.60 करोड़ से अधिक यात्री नहीं कर पाए यात्रा

Sat, 16 Apr 2022 10:18 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sat, 16 Apr 2022 10:18 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में प्रतीक्षा सूची में रहने के कारण लगभग 5 करोड़ पीएनआर स्वचालित रूप से रद्द कर दिए गए थे।

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RTI report In the financial year 2021-22 more than one crore 60 lakh waitlisted passengers could not travel
ट्रेन - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

तमाम सुधारों के बाद भी देश में व्यस्त मार्गों पर ट्रेनों की अभी भी कमी  है। इसका संकेत आरटीआई के जवाब में मिला है।रेलवे ने बताया कि प्रतीक्षा सूची में होने के कारण टिकट खरीदने के बावजूद 2021-22 में 1.60 करोड़ से अधिक यात्री ट्रेनों से यात्रा नहीं कर सके।

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रेलवे बोर्ड ने कहा कि 2021-2022 में, कुल 1,06,19,487 (1.06 करोड़) पीएनआर के मुकाबले 1,65,01,187 (1.65 करोड़) यात्रियों की टिकट बुक हुई थी, लेकिन टिकट वेंटिग होने के कारण उन्हें रद्द कर दिया गया। पीएनआर रद्द होने के बाद यात्रियों को टिकट का किराया वापस कर दिया जाता है।
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मध्य प्रदेश के कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौर द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में यह भी कहा गया है कि पिछले पांच वर्षों में प्रतीक्षा सूची में रहने के कारण लगभग 5 करोड़ पीएनआर स्वचालित रूप से रद्द कर दिए गए थे। यात्रियों को कन्फर्म टिकट प्रदान करने में असमर्थता रेलवे के लिए बड़ी समस्या रही है।
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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2014-15 में रद्द किए गए पीएनआर की संख्या 1.13 करोड़ (1,13,17,481) थी, 2015-2016 में यह संख्या 81.05 लाख (81,05,022) , 2016-2017 में 72.13 लाख (72,13,131 थी), 2017-18 में 73 लाख (73,02,042), और 2018-2019 में 68.97 लाख (68,97,922) थी।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 में रद्द किए गए पीएनआर की संख्या 1.13 करोड़ (1,13,17,481) थी, 2015-2016 में यह संख्या 81.05 लाख (81,05,022) थी, 2016-2017 में  72.13 लाख (72,13,131),2017-18 में 73 लाख (73,02,042) और 2018-2019 में यह संख्या 68.97 लाख (68,97,922) थी।

वर्ष 2020-21 में प्रतीक्षा सूची में शेष रहने के कारण रद्द किए गए पीएनआर की कुल संख्या 38,89,379 (38.89 लाख) थी और इन पीएनआर पर 61 लाख (61,14,915) यात्रियों की बुकिंग की गई थी।
यात्रियों की अधिक संख्या को देखते हुए  रेलवे ने पिछले छह वर्षों में लगभग 800 नई ट्रेनें शुरू की हैं। गौरतलब है कि रेल बजट को वर्ष 2016 में आम बजट में मिला दिया गया था।


आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में COVID-19 महामारी के कारण कोई नई ट्रेन शुरू नहीं की गई थी। इससे पहले 2019-20 में 144 नई ट्रेन सेवाओं, 2018-2019 में 266 सेवाओं, 2017-2018 में 170 सेवाओं और 2016-2017 में 223 सेवाओं को लाया। जबकि 2019-20 में 144 नई ट्रेन सेवाएं, 2018-2019 में 266 सेवाएं, 2017-2018 में 170 सेवाएं और 2016-2017 में 223 नई ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं थीं। 

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