फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   RTI disclosed, only 4164 crore Indian black money in abroad

आरटीआई से खुलासा, विदेशों में भारत का महज 4,164 करोड़ कालाधन

Tue, 13 Sep 2016 06:09 AM IST
अमित कुमार निरंजन/नई दिल्ली
अमित कुमार निरंजन/नई दिल्ली Updated Tue, 13 Sep 2016 06:09 AM IST
विज्ञापन
RTI disclosed, only 4164 crore Indian black money in abroad

केंद्र सरकार ने विदेशों में जमा कालेधन को लेकर काफी सख्ती दिखाई थी, लेकिन सरकार के इस रुख का खास असर नहीं हुआ। अघोषित विदेशी आय तथा परिसंपत्ति (कर अधिरोपण) कानून, 2015 के तहत सिर्फ 4,164 करोड़ रुपये का कालाधन घोषित किया गया है। अमर उजाला को आरटीआई के जरिए मिले ये आंकड़े कालाधन को लेकर किए गए तमाम दावों पर सवाल खड़ा करते हैं।

विज्ञापन


30 मई, 2016 को केंद्र सरकार के राजस्व विभाग से आरटीआई के जरिए पूछा गया था कि अघोषित विदेशी आय तथा परिसंपत्ति (कर अधिरोपण) कानून, 2015 के अंतर्गत भारत सरकार के पास विदेशों में जमा कालाधन का क्या ब्यौरा है। करीब तीन माह तक कई विभागों में आरटीआई स्थानांतरित होने के बाद 22 अगस्त को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इसका जवाब दिया।
विज्ञापन


आरटीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि इस कानून के तहत सिर्फ 648 लोगों ने ही 4,164 करोड़ रुपये का विदेशी कालेधन का खुलासा केंद्र सरकार के सामने किया। इन लोगों पर टैक्स और पेनाल्टी लगाने के बाद सरकार के खाते में 2,476 करोड़ रुपये ही जमा हो पाए। दरअसल, इस अधिनियम के अंतर्गत विदेशों में जमा कालेधन पर 30 प्रतिशत टैक्स और 30 प्रतिशत जुर्माना सरकार को देकर इस धन को सफेद करवाया जा सकता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

देशी काला धन पर मोदी सरकार सख्त

RTI disclosed, only 4164 crore Indian black money in abroad

गौरतलब है कि इस कानून के तहत सीमित अवधि के लिए उन लोगों को कंप्लायंस विंडो भी उपलब्ध कराया गया था, जिन्होंने विदेशी परिसंपत्ति का खुलासा नहीं किया था। यह सुविधा 1 जुलाई, 2015 को शुरू हुई थी और 30 सितंबर, 2015 को बंद कर दी गई थी।

हालांकि, आरटीआई के जरिए यह भी पूछा गया था कि यह कालाधन किन-किन देशों में जमा था, इस पर विभाग ने चुप्पी साध ली और कोई भी ब्यौरा नहीं दिया। देश मे जमा कालेधन पर केंद्र सरकार ने सख्त रवैया अख्तियार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में कह चुके हैं कि समय रहते लोग पारदर्शी हो जाएं, वरना सरकार कड़े कदम उठाएगी।

दरअसल देश में जमा कालेधन के खुलासे के उद्देश्य से 1 जून से चार महीने के लिए कंप्लायंस विंडो खोला गया। इसके तहत घोषित संपत्ति या कालेधन के वर्तमान बाजार मूल्य का 45 प्रतिशत कर, जुर्माना और अधिभार के रूप में चुकाना होगा। आयकर घोषणा स्कीम के तहत 30 सितंबर तक जो लोग अपनी अघोषित संपत्तियों का खुलासा करेंगे उन्हें उस संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य का 45 प्रतिशत कर, जुर्माना और अधिभार के रूप में देना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed