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आरएसएस चलाएगा भूमि संरक्षण के लिए अभियान: 13 अप्रैल से हर गांव में पहुंचकर किसानों को करेगा जागरूक
Wed, 07 Apr 2021 08:20 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 07 Apr 2021 08:20 PM IST
सार
आरएसएस के भूसंरक्षण के इस अभियान में स्वामी रामदेव की संस्था पतंजलि आयुर्वेद के साथ-साथ, इस्कॉन, सद्गुरु जग्गी वासुदेव और अन्य धार्मिक संस्थाओं का भी सहयोग होगा प्राप्त...
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
आरएसएस 13 अप्रैल से पूरे देश में भू-संरक्षण अभियान चलाएगा। इसके तहत सभी गांवों तक पहुंचकर एक भूमि पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। भूमि पूजन के बाद किसानों को मृदा संरक्षण के विषय में जानकारी दी जायेगी और उनसे अपने खेतों में उर्वरकों की जगह जैविक खादों का उपयोग बढ़ाकर कृषि में करने के लिए प्रेरित किया जायेगा। पहले चरण में यह अभियान 24 जुलाई को गुरुपूर्णिमा तक चलाया जायेगा।
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इस कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक जयराम पाटीदार ने बताया कि देश की मृदा का बहुत तेजी के साथ क्षरण हो रहा है, जिसे समय रहते बचाना बेहद आवश्यक है, अन्यथा एक समय ऐसा आएगा कि देश के सामने खाद्यान्न का संकट दोबारा खड़ा हो सकता है। इससे बचने के लिए खेतों में रसायनों का उपयोग घटाने और जैविक तरीकों से खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है।
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प्रथम चरण में इस संगठन से जुड़े लोग ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर किसानों को रसायनों से हो रही खेती के नुकसान समझाएंगे। उन्हें यह बताया जाएगा कि किस प्रकार रासायनिक खेती पहले तो उन्हें ज्यादा उपज का लालच देती है, लेकिन धीरे-धीरे यह उनके ही खेतों की उर्वरता नष्ट करती है। इससे खेतों में प्रति हेक्टेयर उत्पादकता कम होती जा रही है।
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आरएसएस ने इस कार्यक्रम की वृहद पहुंच निश्चित करने और सभी वर्गों में स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए अनेक धर्माचार्यों और स्वयं सेवी संगठनों को भी इसके साथ में जोड़ा है। इसमें आचार्य बालकृष्ण, सद्गुरु जग्गी वासुदेव, चिन्मय पांड्या और स्वामी विवेकानंद जैसे दर्जनों लोग शामिल हैं।
कार्यक्रम के राष्ट्रीय संयोजक के रूप में मध्यप्रदेश के जयराम पाटीदार को जिम्मेदारी सौंपी गई है तो नई दिल्ली में इसका एक राष्ट्रीय कार्यालय खोलकर इसका संचालन निश्चित किया जायेगा।