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RSS ने कहा- प्रणब मुखर्जी के भाषण ने देश के गौरवमयी इतिहास की याद दिलाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 08 Jun 2018 02:28 PM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के भाषण की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्होंने देश के गौरवमयी इतिहास से जुड़ी यादें ताजा कर दीं। उन्होंने अपने भाषण में भारत की नींव के रूप में विविधता में एकता, बहुलवाद और सामाजिक एकता को जोर दिया।
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मुखर्जी ने 5 हजार साल पुरानी सभ्यता की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारे जीने का तरीका भले ही बदल गया हो लेकिन हमारे मूल्य अभी भी पुराने ही हैं। आरएसएस के प्रचार प्रमुख(प्रवक्ता) अरुन कुमार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को आरएसएस के समारोह में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया।
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अरुन ने कहा कि हम मुखर्जी को राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे पर की गई बातचीत के लिए धन्यवाद देते हैं। आपको बता दें कि मुखर्जी ने गुरुवार को हुए आरएसएस के समारोह में चेतावनी देते हुए कहा था 'भारत को परिभाषित करने के लिए धर्म, नफरत, असहिष्णुता जैसे शब्द उसके अस्तित्व को खत्म कर देंगे। अगर हम राष्ट्रीयता को असहिष्णुता के रूप में परिभाषित करने की कोशिश करेंगे तो हमारी पहचान धुंधली हो जाएगी क्योंकि यह बहुलवाद का उत्सव मनाने वाली भूमि है।'
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कांग्रेसियों के जबरदस्त विरोध के बीच इस कार्यक्रम में पहुंचे मुखर्जी ने कहा था 'राष्ट्र, राष्ट्रवाद और राष्ट्रीयता एक दूसरे में गुथे हुए हैं। इन्हें अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता है।' मुखर्जी ने कहा था 'इस देश में इतनी विविधता है कि कई बार हैरानी होती है। यहां 122 भाषाएं हैं, 1600 से ज्यादा बोलियां हैं, सात मुख्य धर्म हैं और तीन जातीय समूह हैं लेकिन यही विविधता ही हमारी असली ताकत है। यह हमें पूरी दुनिया में विशिष्ट बनाता है। हमारी राष्ट्रीयता किसी धर्म या जाति से बंधी हुई नहीं है। हम सहनशीलता, सम्मान और अनेकता के कारण खुद को ताकतवर महसूस करते हैं। हम अपने इस बहुलवाद का उत्सव मनाते हैं।'