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प्रणब मुखर्जी और रतन टाटा के बाद आरएसएस ने भेजा नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को निमंत्रण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Updated Tue, 02 Oct 2018 06:20 PM IST
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नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और रतन टाटा के बाद अब नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को अपने कार्यक्रम का न्योता भेजा है। सत्यार्थी विजयादशमी के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि हो सकते हैं। इस कार्यक्रम में वह मोहन भागवत के साथ मंच साझा करेंगे। बता दें कि संघ का यह कार्यक्रम 18 अक्टूबर को नागपुर के रेशमीबाग मैदान में होगा।
इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। बता दें कि कैलाश सत्यार्थी को साल 2014 में शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। उन्हें देश में बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाने के लिए जाना जाता है। आरएसएस हर साल विजयादशमी को अपने स्थापना दिवस के रूप में मनाता है। 1925 में विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना हुई थी। संघ के इस कार्यक्रम में हर साल जानी-मानी हस्तियां शामिल होती रही हैं।
बता दें कि जून में आरएसएस ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को न्योता देकर सबको चौंका दिया था। वहीं इसके बाद प्रणब मुखर्जी ने भी आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होकर सबको हैरान कर दिया था। संघ के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इसके बाद प्रणब मुखर्जी कई नेताओं के निशाने पर आ गए थे। प्रणब की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की सलाह दी थी। इसके बाद प्रणब मुखर्जी की सोशल मीडिया में भी काफी आलोचना हुई थी।
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इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत आरएसएस कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। बता दें कि कैलाश सत्यार्थी को साल 2014 में शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। उन्हें देश में बच्चों को बाल श्रम से मुक्ति दिलाने के लिए जाना जाता है। आरएसएस हर साल विजयादशमी को अपने स्थापना दिवस के रूप में मनाता है। 1925 में विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना हुई थी। संघ के इस कार्यक्रम में हर साल जानी-मानी हस्तियां शामिल होती रही हैं।
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बता दें कि जून में आरएसएस ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को न्योता देकर सबको चौंका दिया था। वहीं इसके बाद प्रणब मुखर्जी ने भी आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होकर सबको हैरान कर दिया था। संघ के तृतीय वर्ष शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इसके बाद प्रणब मुखर्जी कई नेताओं के निशाने पर आ गए थे। प्रणब की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने भी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होने की सलाह दी थी। इसके बाद प्रणब मुखर्जी की सोशल मीडिया में भी काफी आलोचना हुई थी।
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