RSS: दत्तात्रेय होसबोले बोले- विपरीत सोच के लोग भी करते थे डॉ. हेडगेवार की प्रशंसा
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि संघ की आधारशिला रखने वाले डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार एक समग्र राष्ट्रीय सोच वाले व्यक्ति थे। राष्ट्रभक्ति की भावना उनके अंदर जन्मजात थी। राष्ट्र के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया...
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने शुक्रवार को कहा कि डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार के राष्ट्रवादी विचारों की प्रशंसा उनके विरोधी भी करते थे। वामपंथी विचारधारा के एक नेता ने उनके विषय में कहा था कि किसी व्यक्ति की कीमत केवल इस बात से नहीं आंकी जा सकती कि उसके वर्तमान समय में उसे कितनी प्रसिद्धि मिली, बल्कि किसी व्यक्ति की कीमत इस बात से तय होती है कि लंबे भविष्य में उसके विचारों का देश-समाज पर कितना असर पड़ता है। वामपंथी नेता की बातों के आलोक में देखें, तो हेडगेवार के विचारों के कारण आज पूरे देश-दुनिया में बड़ा बदलाव आया है। पूरी दुनिया में आज हेडगेवार के द्वारा स्थापित किए गए संगठन आरएसएस पर अध्ययन किया जा रहा है।
डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार पर सुरुचि प्रकाशन की पुस्तक मैन ऑफ द मिलेनिया (‘Man of the Millennia: Dr Hedgewar’) के विमोचन के अवसर पर होसबोले ने कहा कि संघ की आधारशिला रखने वाले डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार एक समग्र राष्ट्रीय सोच वाले व्यक्ति थे। राष्ट्रभक्ति की भावना उनके अंदर जन्मजात थी। राष्ट्र के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। आज की पीढ़ी उनकी देशभक्ति और राष्ट्रीय विचारों से प्रेरणा लेती है। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) एस अब्दुल नजीर ने कहा कि हेडगेवार पर लिखी इस पुस्तक को उन्होंने पढ़ा है और उनके विषय में यह प्रामाणिक पुस्तकों में एक है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर हेडगेवार ने जिस संगठन की नींव रखी थी, आज सारी दुनिया उसके कामों से प्ररेणा ले रही है। इस पुस्तक के मूल लेखक नाना पालकर थे, जिसका अंग्रेजी में अनुवाद स्वर्गीय डॉक्टर अनिल नैने ने किया है।
सुरुचि प्रकाशन के चेयरमैन राजीव तुली ने कहा कि आज संघ और हेडगेवार पर लिखी पुस्तकें लाखों की संख्या में बिक रही हैं। इसका यह अर्थ है कि आज लोग संघ के बारे में जानना-समझना चाहते हैं। राष्ट्रवादी विचारों की व्यापकता के कारण भी इस तरह की पुस्तकों की बिक्री में बढ़ोतरी हो रही है।