आरएसएस-कांग्रेस विवाद: राहुल गांधी के बयान पर इंद्रेश कुमार का पलटवार, कहा- संघ के खिलाफ झूठ बोलती है कांग्रेस
आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने राहुल गांधी के असंवैधानिक पंथ वाले बयान और प्रियांक खरगे की मोहन भागवत पर टिप्पणी का जवाब दिया। उन्होंने कांग्रेस पर संघ के खिलाफ झूठ फैलाने का आरोप लगाया और भारत की लोकतांत्रिक परंपरा की तारीफ की। उन्होंने युवाओं से भी सही रास्ते पर लौटने की अपील की। आखिर राहुल गांधी ने संघ को लेकर क्या कहा था? विपक्ष और आरएसएस के बीच यह विवाद क्यों बढ़ रहा है? आइए, विस्तार से जानते हैं कि आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने क्या-कुछ कहा...
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी की ओर से आरएसएस को लेकर की गई असंवैधानिक पंथ संबंधी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से संघ के खिलाफ बेबुनियाद बातें फैलाती रही है। उन्होंने कहा कि देश के विभाजन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार थी और उसके बाद से ही संघ को लेकर झूठे दावे किए जाते रहे हैं। इंद्रेश कुमार ने प्रियांक खरगे की संघ प्रमुख मोहन भागवत पर की गई टिप्पणियों का भी जवाब दिया। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, धार्मिक सम्मान और युवाओं की भूमिका पर भी अपनी बात रखी।
राहुल गांधी के बयान पर इंद्रेश कुमार ने क्या कहा?
राहुल गांधी की आरएसएस पर टिप्पणी को लेकर इंद्रेश कुमार ने कहा कि कांग्रेस संघ के बारे में लगातार गलत और आधारहीन दावे करती रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की ओर से संघ को लेकर किए जाने वाले दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। महिलाओं की स्थिति पर उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक तरफ दावा किया जाता है कि संघ की महिलाएं कांग्रेस के साथ हैं, तो दूसरी तरफ कहा जाता है कि संघ में महिलाओं का दमन होता है। इंद्रेश कुमार ने कहा कि संघ और संघ परिवार नारी शक्ति को जितना सम्मान देते हैं, उतना सम्मान कांग्रेस कभी नहीं दे सकती। उन्होंने इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए खारिज किया।
प्रियांक खरगे की टिप्पणी और मोहन भागवत पर क्या बोले?
प्रियांक खरगे की ओर से संघ प्रमुख मोहन भागवत को लेकर की गई टिप्पणियों पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि आरोप लगाने वाले लोग कभी संघ का हिस्सा नहीं रहे और न ही उन्होंने संगठन को सही तरीके से समझा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दूर रहकर संघ की आलोचना करते हैं, जबकि उन्हें पहले अपने कामकाज और रिकॉर्ड पर नजर डालनी चाहिए। इंद्रेश कुमार ने कहा कि संघ पहले क्या था और आज क्या है, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि महात्मा गांधी ने कभी कांग्रेस को भंग कर नई राजनीतिक पार्टी बनाने की सलाह दी थी, लेकिन पार्टी ने अपने ही नेता की बात नहीं मानी। ये सभी टिप्पणियां इंद्रेश कुमार ने विपक्षी नेताओं के आरोपों के जवाब में कीं।
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और दूसरे देशों से तुलना पर क्या कहा?
अल्बानिया और फ्रांस जैसे देशों से भारत की तुलना किए जाने संबंधी विपक्षी नेताओं की टिप्पणियों पर इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत पहले भी लोकतंत्र के रास्ते पर चलता था, आज भी चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा। उन्होंने भारत को सभी धर्मों का सम्मान करने वाला देश बताया। उन्होंने कहा कि भारत गौतम बुद्ध, डॉ. भीमराव आंबेडकर, गुरु नानक, महावीर स्वामी, भगवान राम और भगवान कृष्ण के विचारों से प्रेरणा लेता है। उनके मुताबिक, भारत को दूसरे देशों से सीखने की जरूरत नहीं है, बल्कि दुनिया भारत से सीख रही है। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध रोकने और अराजकता कम करने की दिशा में काम कर रहा है।
प्रधानमंत्री को मिले सम्मानों का जिक्र कर क्या बोले?
इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 से 11 वर्षों में 38 से अधिक देशों ने प्रधानमंत्री को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ये सम्मान आज के भारत को क्यों दिए जा रहे हैं। उनका कहना था कि इन सम्मानों से भारत की वैश्विक पहचान और प्रतिष्ठा का पता चलता है। उन्होंने इस संदर्भ में भारत की भूमिका को दुनिया में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने वाला बताया। हालांकि, यह संख्या और इससे जुड़ा निष्कर्ष इंद्रेश कुमार के बयान का हिस्सा है।
युवाओं को लेकर इंद्रेश कुमार ने क्या अपील की?
देश के युवाओं की दिशा पर बोलते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत के युवा पहले भी सही रास्ते पर थे, आज भी हैं और आगे भी रहेंगे। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ युवा अराजक तत्वों और विदेशी फंडिंग के प्रभाव में आकर गलत रास्ते पर चले गए हैं। उन्होंने ऐसे युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील की। उनके बयान में युवाओं को देश की लोकतांत्रिक और सामाजिक व्यवस्था के साथ जुड़े रहने का संदेश दिया गया। इंद्रेश कुमार की ये टिप्पणियां आरएसएस को लेकर विपक्षी नेताओं के बयानों के बीच आई हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।