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Mohan Bhagwat: अब मोहन भागवत को भी मिलेगी मोदी-शाह जैसी सुरक्षा, केंद्र ने RSS प्रमुख की सिक्योरिटी बढ़ाई
Wed, 28 Aug 2024 11:43 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 28 Aug 2024 11:43 AM IST
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मोहन भागवत
- फोटो : PTI
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है। उन्हें अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसी सुरक्षा मिलेगी। दरअसल, गृह मंत्रालय ने मोहन भागवत की सुरक्षा को जेड प्लस से बढ़ाकर एएसएल (एडवांस्ड सिक्योरिटी लिएजॉन) में बदल दिया है। बता दें कि आरएसएस प्रमुख को अभी तक जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने कई जगहों पर मोहन भागवत की सुरक्षा में ढिलाई देखी, जिसके बाद ही उन्होंने नए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर काम करना शुरू किया और आरएसएस प्रमुख की सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि कई भारत विरोध संगठन उन्हें निशाना बना रहे हैं। उनकी सुरक्षा बढ़ाने जाने को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसकी जानकारी दी गई है। अब नई सुरक्षा श्रेणी के अनुसार, सीआईएसएफ की टीम उस स्थान पर पहले से ही मौजूद रहेंगी, जहां मोहन भागवत दौरा करेंगे।
2015 में दी गई थी जेड-प्लस सुरक्षा
मोहन भागवत को जून 2015 में जेड-प्लस की सुरक्षा दी गई थी। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने भी उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा कवर देने का आदेश दिया था। हालांकि, उस समय केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कर्मियों और वाहनों की कमी के कारण उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जेड-प्लस सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं जिसमें एनएसजी के भी 10 कमांडो होते हैं।
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बता दें कि एएसएल श्रेणी की सुरक्षा में संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभाग जैसी स्थानीय एजेंसियां शामिल होती हैं। जिस स्थान पर मोहन भागवत कार्यक्रम के लिए जाएगें, वहां पहले से ही एक टीम मौके का निरीक्षण करने जाएगी। उनके ग्रीन सिग्नल देने के बाद ही मोहन भागवत उस कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे।
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मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि गृह मंत्रालय ने कई जगहों पर मोहन भागवत की सुरक्षा में ढिलाई देखी, जिसके बाद ही उन्होंने नए सुरक्षा प्रोटोकॉल पर काम करना शुरू किया और आरएसएस प्रमुख की सुरक्षा को और मजबूत करने का फैसला लिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि कई भारत विरोध संगठन उन्हें निशाना बना रहे हैं। उनकी सुरक्षा बढ़ाने जाने को लेकर सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसकी जानकारी दी गई है। अब नई सुरक्षा श्रेणी के अनुसार, सीआईएसएफ की टीम उस स्थान पर पहले से ही मौजूद रहेंगी, जहां मोहन भागवत दौरा करेंगे।
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2015 में दी गई थी जेड-प्लस सुरक्षा
मोहन भागवत को जून 2015 में जेड-प्लस की सुरक्षा दी गई थी। इससे पहले कांग्रेस सरकार ने भी उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा कवर देने का आदेश दिया था। हालांकि, उस समय केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने कर्मियों और वाहनों की कमी के कारण उन्हें जेड-प्लस सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई थी। जेड-प्लस सुरक्षा में 36 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं जिसमें एनएसजी के भी 10 कमांडो होते हैं।
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बता दें कि एएसएल श्रेणी की सुरक्षा में संबंधित जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभाग जैसी स्थानीय एजेंसियां शामिल होती हैं। जिस स्थान पर मोहन भागवत कार्यक्रम के लिए जाएगें, वहां पहले से ही एक टीम मौके का निरीक्षण करने जाएगी। उनके ग्रीन सिग्नल देने के बाद ही मोहन भागवत उस कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे।