{"_id":"64bce321407b6f0456065ec4","slug":"rss-chief-mohan-bhagwat-says-talk-of-good-things-happening-more-in-india-than-discussion-on-bad-things-news-an-2023-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"RSS: 'कुछ लोग कुछ नहीं कर रहे, इसलिए सब सुचारू ढंग से चल रहा', संघ प्रमुख मोहन भागवत का विपक्ष पर तंज","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
RSS: 'कुछ लोग कुछ नहीं कर रहे, इसलिए सब सुचारू ढंग से चल रहा', संघ प्रमुख मोहन भागवत का विपक्ष पर तंज
Sun, 23 Jul 2023 01:51 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 23 Jul 2023 01:51 PM IST
सार
भागवत ने कहा कि लोगों में भारत को गौरव हासिल करते देखने की इच्छा 40 साल पहले की तुलना में आज अधिक प्रबल है। लेकिन कुछ लोग हैं जो हमें बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते।
विज्ञापन
संघ प्रमुख मोहन भागवत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि देश में बुरी चीजों के मुकाबले अब अच्छी चीजों पर 40 गुना अधिक चर्चा हो रही है। उत्तरी मुंबई के कांदिवली में सुवर्णा अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद संघ प्रमुख ने यह बयान दिया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे।
भागवत ने कहा, ‘‘कई बार नकारात्मक चर्चा सुनने को मिलती है। लेकिन जब हम देशभर में जाते हैं और देखते हैं तो हमें पता चलता है कि भारत में जो अच्छी चीजें हो रही हैं, उस पर बुरी चीजों के मुकाबले 40 गुना अधिक बात हो रही है।’’
भागवत ने कहा कि आग के समय देश के उत्कर्ष का कारण सरकार की नीतियां और सरकार में मौजूद जिम्मेदार लोगों का काम है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चीजें भी सुचारु ढंग से चल रही हैं क्योंकि कुछ लोग कुछ नहीं करते। अगर वे काम करेंगे तो जरूर दिक्कतें होंगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘‘आज के समाज में सिर्फ रोटी, कपड़ा और मकान ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य भी आवश्यक हो गए हैं।’’ भागवत ने कहा, ‘‘अच्छा या बुरा तय करने का पैमाना क्या है? कुछ ऐसा होता है जो दिखाई देता है और दूसरी ओर कुछ ऐसा होता है जो असल में होता है। कोई इसे ऐसे दिखा सकता है कि यह हो गया, भले ही वह न हुआ हो।’’
भागवत ने कहा कि लोगों में भारत को गौरव हासिल करते देखने की इच्छा 40 साल पहले की तुलना में आज अधिक प्रबल है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे बढ़ना चाहिए। हम बढ़ रहे हैं, लेकिन हम अभी तक उतने ताकतवर नहीं हैं।’’ आरएसएस प्रमुख ने कहा कि कुछ लोग हैं जो हमें बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते।
...तो स्थिति टिकाऊ होगी
संघ प्रमुख ने कहा, अच्छे और बुरे का पैमाना क्या है? कुछ चीजें दिखाई जाती हैं जबकि कुछ चीजें वास्तव में हो रही होती हैं। कोई ऐसा दिखा सकता है कि ये हुआ है, जबकि हकीकत में ऐसा हुआ नहीं होता। हमारे मामले में दोनों बातें महत्वपूर्ण हैं। अच्छी चीजें करना और यह दिखाना कि अच्छी चीजें हो रही हैं। लेकिन जो दिखाया जाए वैसा वास्तव में होना भी चाहिए। सिर्फ तभी स्थिति टिकाऊ होगी।
अस्पताल आधुनिक तीर्थ
भागवत ने कहा, कॉलेज में उन्होंने भाखड़ा नांगल डैम जैसे आधुनिक तीर्थ स्थलों पर एक अध्याय पढ़ा था। आज जो अस्पताल शुरू हो रहा है वह आधुनिक तीर्थ स्थल की तरह है। आप लोगों ने यहां एक तीर्थ स्थल का निर्माण करने जैसा कार्य किया है।
द्वितीय विश्व युद्ध का किया जिक्र
संघ प्रमुख ने द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले हिटलर के विदेश मंत्री वोन रिबनट्रॉप के इंग्लैंड दौरे का जिक्र किया और बोले, ब्रिटिश जानते थे कि रिबनट्रॉप युद्ध की तैयारी देखने आ रहे हैं। उन्होंने गत्तों के हवाई जहाज बनाए, नागरिकों को सेना की वर्दी पहनाई और जर्मनी को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि ब्रिटेन बहुत ताकतवर है।
आरएसएस से जुड़े मुस्लिम निकाय ने यूसीसी पर सुझाव सौंपे
इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ऋतु राज अवस्थी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर अपने सुझाव भी दिए। जानकारी के मुताबिक, एमआरएम के पदाधिकारी सिराज कुरैशी और इसके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने देश में यूसीसी लाने के कदम का समर्थन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा: न्यायमूर्ति अवस्थी
एमआरएम के बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा कि यूसीसी के मसौदे को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में बहुत भ्रम है, लेकिन लोगों को किसी भी चीज के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। यूसीसी के बारे में अफवाह है कि इसे संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा।
विज्ञापन
भागवत ने कहा, ‘‘कई बार नकारात्मक चर्चा सुनने को मिलती है। लेकिन जब हम देशभर में जाते हैं और देखते हैं तो हमें पता चलता है कि भारत में जो अच्छी चीजें हो रही हैं, उस पर बुरी चीजों के मुकाबले 40 गुना अधिक बात हो रही है।’’
विज्ञापन
भागवत ने कहा कि आग के समय देश के उत्कर्ष का कारण सरकार की नीतियां और सरकार में मौजूद जिम्मेदार लोगों का काम है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चीजें भी सुचारु ढंग से चल रही हैं क्योंकि कुछ लोग कुछ नहीं करते। अगर वे काम करेंगे तो जरूर दिक्कतें होंगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, ‘‘आज के समाज में सिर्फ रोटी, कपड़ा और मकान ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य भी आवश्यक हो गए हैं।’’ भागवत ने कहा, ‘‘अच्छा या बुरा तय करने का पैमाना क्या है? कुछ ऐसा होता है जो दिखाई देता है और दूसरी ओर कुछ ऐसा होता है जो असल में होता है। कोई इसे ऐसे दिखा सकता है कि यह हो गया, भले ही वह न हुआ हो।’’
भागवत ने कहा कि लोगों में भारत को गौरव हासिल करते देखने की इच्छा 40 साल पहले की तुलना में आज अधिक प्रबल है। उन्होंने कहा, ‘‘इसे बढ़ना चाहिए। हम बढ़ रहे हैं, लेकिन हम अभी तक उतने ताकतवर नहीं हैं।’’ आरएसएस प्रमुख ने कहा कि कुछ लोग हैं जो हमें बढ़ते हुए नहीं देखना चाहते।
...तो स्थिति टिकाऊ होगी
संघ प्रमुख ने कहा, अच्छे और बुरे का पैमाना क्या है? कुछ चीजें दिखाई जाती हैं जबकि कुछ चीजें वास्तव में हो रही होती हैं। कोई ऐसा दिखा सकता है कि ये हुआ है, जबकि हकीकत में ऐसा हुआ नहीं होता। हमारे मामले में दोनों बातें महत्वपूर्ण हैं। अच्छी चीजें करना और यह दिखाना कि अच्छी चीजें हो रही हैं। लेकिन जो दिखाया जाए वैसा वास्तव में होना भी चाहिए। सिर्फ तभी स्थिति टिकाऊ होगी।
अस्पताल आधुनिक तीर्थ
भागवत ने कहा, कॉलेज में उन्होंने भाखड़ा नांगल डैम जैसे आधुनिक तीर्थ स्थलों पर एक अध्याय पढ़ा था। आज जो अस्पताल शुरू हो रहा है वह आधुनिक तीर्थ स्थल की तरह है। आप लोगों ने यहां एक तीर्थ स्थल का निर्माण करने जैसा कार्य किया है।
द्वितीय विश्व युद्ध का किया जिक्र
संघ प्रमुख ने द्वितीय विश्वयुद्ध के पहले हिटलर के विदेश मंत्री वोन रिबनट्रॉप के इंग्लैंड दौरे का जिक्र किया और बोले, ब्रिटिश जानते थे कि रिबनट्रॉप युद्ध की तैयारी देखने आ रहे हैं। उन्होंने गत्तों के हवाई जहाज बनाए, नागरिकों को सेना की वर्दी पहनाई और जर्मनी को यह सोचने के लिए मजबूर कर दिया कि ब्रिटेन बहुत ताकतवर है।
आरएसएस से जुड़े मुस्लिम निकाय ने यूसीसी पर सुझाव सौंपे
इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को विधि आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ऋतु राज अवस्थी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर अपने सुझाव भी दिए। जानकारी के मुताबिक, एमआरएम के पदाधिकारी सिराज कुरैशी और इसके राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शाहिद सईद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने देश में यूसीसी लाने के कदम का समर्थन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा: न्यायमूर्ति अवस्थी
एमआरएम के बयान के मुताबिक, बैठक के दौरान न्यायमूर्ति अवस्थी ने कहा कि यूसीसी के मसौदे को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में बहुत भ्रम है, लेकिन लोगों को किसी भी चीज के लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है। यूसीसी के बारे में अफवाह है कि इसे संसद के अगले सत्र में लाया जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा।