RSS: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- विश्व में सिर्फ भारत ने श्रीलंका की मदद की, रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बोले
आरएसएस चीफ ने कहा कि आज भारत धर्म के लिए आगे बढ़ रहा है। पहले श्रीलंका और चीन की दोस्ती थी, उन्होंने पाकिस्तान को दोस्त बना लिया, लेकिन हमें थोड़ा दूर रखा। अब जब श्रीलंका पर संकट आया तो किसने मदद की, कौन सामने आया, सिर्फ एक देश भारत।
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संघ प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को एक सभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हम धर्म के लिए आगे बढ़ रहे हैं। दूसरे देश बड़े होकर सिर्फ दूसरों पर डंडा चलाते हैं। पहले रूस चलाता था, फिर अमेरिका का वर्चस्व बढ़ा, फिर अमेरिका डंडा चलाने लगा। अब चीन आया है, ऐसा लगता है कि अब वह अमेरिका को पछाड़ देगा।
यूक्रेन का साथ देने वाला देश भारत है
मोहन भागवत ने कहा कि यूक्रेन को मोहरा बनाकर अमेरिका और रूस लड़ रहे हैं। दोनों भारत को कहते हैं, हमारे तरफ आओ, हमारा पक्ष लो। लेकिन भारत रूस-अमेरिका से कहता है कि आप भी हमारे दोस्त और आप भी हमारे दोस्त हो, और यह तीसरा जो आप दोनों के बीच दब गया है, वह भी हमारा दोस्त है। इसलिए पहले मैं इसकी मदद करुंगा। भारत का कहना है कि आप दोनों में से मैं किसी का पक्ष नहीं लेता। ये लड़ाई का जमाना नहीं है लड़ना बंद करो।
#WATCH | RSS Chief Mohan Bhagwat says, "... Few countries, after growing, try to exert their power. Earlier Russia was doing this then the US took over. Now China has come, it seems China will overtake America now. Because of this America and China are fighting making Ukraine a… pic.twitter.com/kBPiBDOGWo
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 23, 2023
श्रीलंका की सिर्फ भारत ने मदद की
आरएसएस चीफ ने कहा कि आज भारत धर्म के लिए आगे बढ़ रहा है। पहले श्रीलंका और चीन की दोस्ती थी, उन्होंने पाकिस्तान को दोस्त बना लिया, लेकिन हमें थोड़ा दूर रखा। अब जब श्रीलंका पर संकट आया तो किसने मदद की, कौन सामने आया, सिर्फ एक देश भारत।
हम लोगों की मदद करते हैं
संघ प्रमुख का कहना है कि धर्म को मानने वाला देश कभी किसी का लाभ नहीं उठाएगा। परस्पर जीने के लिए हम एक दूसरे का लाभ उठाते हैं, लेकिन वह प्रेम का लेन-देन होता है। सौदा का लेन-देन नहीं होता। भागवत ने आगे कहा कि भारत लाभ ले रहा है, क्यों नहीं लेगा। लेकिन जब हमारे लाभ की आवश्यकता किसी और को है, हमारे कमाए हुए से कोई और भूखा जीवित रह सकता है तो भारत देने वाला देश है।