आयकर अधिकारियों की पूछताछ खत्म, रॉबर्ट वाड्रा बोले - उनके पास करीब 23 हजार दस्तावेज, मैंने कर चोरी नहीं की
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बेनामी संपत्ति को लेकर आयकर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को एक बार फिर सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के घर पर पूछताछ की थी। ये पूछताछ करीब आठ घंटे चली थी। पूछताछ के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि अधिकारी मेरे कार्यालय से करीब 23,000 दस्तावेज ले गए।
वाड्रा ने कहा कि आज उनके (आयकर अधिकारियों) पास मेरे बारे में मुझसे ज्यादा जानकारी है, जो अभी तक मेरे कार्यालय में रखी रहती थी। उन्होंने आगे कहा कि मुझसे जो भी सवाल किया गया, मैंने उनको साफ-साफ जवाब दिया। रॉबर्ट वाड्रा ने आगे कहा कि मैंने कोई कर चोरी नहीं की है।
23,000 documents were taken away from my office. They've more information about me than I have in my office today. Every question they asked was answered clearly. There is no tax evasion: Robert Vadra on ED raids & questioning by Income-Tax dept officials pic.twitter.com/UdzJEQgIZP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 6, 2021
सोमवार को आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति विरोधी कानून के तहत रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ जांच के सिलसिले में उनसे पूछताछ की थी। पेशे से कारोबारी 52 वर्षीय वाड्रा ने कहा था कि इस पूछताछ का मकसद किसानों के आंदोलन जैसे देश से जुड़े ‘वास्तविक मुद्दों’ से ध्यान भटकाना है।
सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग के दल की ओर से बेनामी संपत्ति लेनदेन (निषेध) कानून के प्रावधानों के तहत करीब आठ घंटों तक वाड्रा से पूछताछ की गई और उनका बयान दर्ज किया गया। सूत्रों ने जानकारी दी है कि राजस्थान के बीकानेर में वाड्रा से संबंधित एक कंपनी द्वारा कुछ भूखंड खरीदे जाने के संदर्भ में पूछताछ की गई। इसी मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2015 में धनशोधन का मामला दर्ज किया था।
प्रवर्तन निदेशालय अतीत में इसको लेकर वाड्रा से पूछताछ कर चुका है तथा उसने 2019 में उनकी कंपनी ‘स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड’ की 4.62 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। सूत्रों ने बताया कि ईडी ने विदेश में कथित तौर पर कुछ अघोषित संपत्ति होने तथा इस मामले से जुड़े दस्तावेज आयकर विभाग को सौंपे थे ताकि बाद में बने बेनामी संपत्ति कानून के तहत कार्रवाई हो सके।