मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रॉबर्ट वाड्रा से आज फिर होगी पूछताछ, ईडी दफ्तर पहुंचे
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कांग्रेस पार्टी की महासचिव और पूर्वी उत्तरप्रदेश की पार्टी प्रभारी प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा बुधवार को धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दफ्तर पहुंचे हैं।
Delhi: Robert Vadra reaches Enforcement Directorate office for questioning in connection with a money laundering case. pic.twitter.com/JkP2Cz4HsG
— ANI (@ANI) February 27, 2019विज्ञापन
इससे पहले उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने ईडी के सामने पेश होने का निर्देश दिया था। अदालत ने ईडी को भी निर्देश दिया था कि वह धन शोधन के मामले में रॉबर्ट वाड्रा को, उनके कार्यालय से पिछले साल जब्त किए गए दस्तावेजों की प्रति (सॉफ्ट और हार्ड) मुहैया कराए।
ईडी ने धन शोधन से जुड़े एक मामले में पिछले साल वाड्रा के कार्यालय में छापा मारकर ये दस्तावेज जब्त किए थे। विशेष जज अरविंद कुमार ने ईडी को निर्देश दिया कि वह दस्तावेजों की प्रति वाड्रा को मुहैया कराए।
वाड्रा विदेशों में संपत्तियों की कथित खरीद और राजस्थान के बीकानेर में कथित जमीन घोटाला मामलों में आरोपी हैं।
वाड्रा ने शनिवार को अदालत में अर्जी देकर कहा था कि ईडी जब्त दस्तावेजों के आधार पर उनसे पूछताछ कर रहा है, इसलिए उन्हें सबकी प्रति उपलब्ध कराई जानी चाहिए। एजेंसी ने सात दिसंबर, 2018 को दिल्ली में वाड्रा के कार्यालयों पर छापा मारा था।
दिल्ली की अदालत ने पांच दिन के भीतर वाड्रा को दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश ईडी को दिया है। वहीं वाड्रा के वकील केटीएस तुलसी ने दिल्ली के पटिया हाउस कोर्ट में ईडी पर आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि ईडी मामले में तेजी लाना चाहता है क्योंकि चुनाव नजदीक हैं।
क्या है मामला?
जांच एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के साथ हैं।
जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो जांच एजेंसी को कई ऐसी बातें पता चलीं जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया। यह आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दिया गया।
इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था। उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था। 30 अप्रैल, 2016 के पूछताछ में भंडारी ने वाड्रा की 2012 में फ्रांस यात्रा को लेकर भी खुलासा किया था।
जब भंडारी से फ्रांस की टिकट के खरीदने को लेकर सवाल पूछा गया तो उसने कहा कि "जहां तक मुझे याद है कि इसे खरीदा गया था, लेकिन मुझे याद नहीं है कि भुगतान कैसे और किसने किया।"
जांच एजेंसी वाड्रा से लंदन स्थित 9 संपत्ति को लेकर पूछताछ कर चुकी है। जिन्हें गैरकानूनी तरीके से यूपीए सरकार के कार्यकाल में खरीदा गया था। इन संपत्ति की कीमत 12 मिलियन पाउंड यानि 110 करोड़ से भी अधिक है।