मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी के दफ्तर में रॉबर्ट वाड्रा से 6 घंटे लंबी पूछताछ, 7 अफसरों ने किए सवाल-जवाब
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सोनिया गांधी के दामाद और प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा से पूछताछ खत्म हो गई। वह ठीक 9 बजकर 42 मिनट पर ईडी दफ्तर से बाहर निकले और गाड़ी में सवार होकर चले गए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। यहां उनसे करीब 6 घंटे पूछताछ हुई।
Delhi: Robert Vadra leaves from the Enforcement Directorate office after questioning in connection with a money laundering case. pic.twitter.com/FtSidnpGJ8
— ANI (@ANI) February 6, 2019विज्ञापन
बताया जा रहा है कि वाड्रा को दोबारा से पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर बुलाया जा सकता है। उनके वकील ने कहा कि वाड्रा पर लगे सभी आरोप लगते हैं। उन्होंने तमाम सवालों के ईडी को जवाब दिए। साथ ही वाड्रा ने कहा कि वह ईडी के समन पर फिर हाजिर होंगे।
#RobertVadra's lawyer Suman Jyoti Khaitan : He has given an undertaking that he will appear (before Enforcement Directorate) when summoned. pic.twitter.com/OHKBr86IYZ
— ANI (@ANI) February 6, 2019
प्रियंका गई थीं छोड़ने
इससे पहले आज 4 बजे पेशी के लिए रॉबर्ट वाड्रा प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे थे। प्रियंका गांधी उन्हें दफ्तर तक छोड़ने गईं। अदालत ने वाड्रा को ईडी के समक्ष आज शाम 4 बजे पेश होने को कहा था। उन पर विदेश में अवैध संपत्ति जुटाने का आरोप है। ईडी के अधिकारी उनसे इस मामले में पूछताछ करेंगे। वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी सफेद टोयोटा लैंड क्रूजर गाड़ी में उनके साथ थीं और उनके पीछे एसपीजी के सुरक्षाकर्मियों की गाड़ियां थीं। उन्होंने वाड्रा को मध्य दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित एजेंसी के दफ्तर के सामने छोड़ा और वहां से फौरन अपनी गाड़ियों के काफिले के साथ रवाना हो गईं।
वाड्रा करीब तीन बजकर 47 मिनट पर ईडी के दफ्तर में दाखिल हुए। उनके वकीलों का एक दल पहले ही वहां पहुंच चुका था। यह पहला मौका है जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा वाड्रा संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के आपराधिक आरोपों के सिलसिले में किसी जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए हैं। वाड्रा ने पहले इन आरोपों से इनकार किया था और कहा था कि राजनीतिक बदले के लिये उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है।
दिल्ली की एक अदालत ने वाड्रा को केंद्रीय जांच एजेंसी से सहयोग करने को कहा था। वाड्रा ने मामले में अग्रिम जमानत के लिये अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने उनसे लंदन से लौटने के बाद बुधवार को ईडी के समक्ष पेश होने के कहा था।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने वाड्रा से पूछताछ के लिए 42 सवाल तैयार किए हैं। सात अफसर उनसे पूछताछ कर रहे हैं। ईडी ऑफिस में वाड्रा का बयान दर्ज किया जा रहा है। ज्वाइंट डाटरेक्टर की अगुवाई में डेप्युटी डायरेक्टर के अलावा पांच और अफसर वाड्रा से पूछताछ कर रहे हैं।Delhi: Robert Vadra inside the Enforcement Directorate office, to appear in connection with a money laundering case pic.twitter.com/HIiwLYpMou
— ANI (@ANI) February 6, 2019
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, वाड्रा ने पूछताछ के दौरान हथियार डीलर संजय भंडारी के साथ रिश्ते की बात नकारी है। साथ ही लंदन में किसी तरह की प्रॉपर्टी होने से इनकार किया है।Delhi: Robert Vadra's statement is currently being recorded at ED office. The Enforcement Directorate team led by Joint Director accompanied by Deputy Director and 5 other officers is questioning Robert Vadra, in connection with a money laundering case. pic.twitter.com/0g07cKMsta
— ANI (@ANI) February 6, 2019
#WATCH Robert Vadra accompanied by Priyanka Gandhi Vadra arrived at the Enforcement Directorate office to appear in connection with a money laundering case. Priyanka Gandhi Vadra left soon after. #Delhi pic.twitter.com/WI8qlLtF0X
— ANI (@ANI) February 6, 2019
यह है मामला
इस मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से वाड्रा को पिछले सप्ताह अंतरिम जमानत मिल गई थी। उन्हें 16 फरवरी तक यह राहत मिली है। उनके वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि वाड्रा 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होंगे।
वकील का कहना था कि राजनीतिक शत्रुता के चलते वाड्रा को फंसाया गया है। बता दें कि ईडी ने लंदन के ब्रायंस्टन स्क्वायर में 19 लाख पाउंड की संपत्ति खरीदने को लेकर वाड्रा के खिलाफ मनी लांड्रिंग के तहत मामला दर्ज किया है।
जांच एजेंसी का कहना है कि आयकर विभाग फरार हथियार कारोबारी संजय भंडारी के खिलाफ काला धन कानून और कर कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि उसके संबंध वाड्रा के करीबी मनोज अरोड़ा के साथ हैं।
जब अरोड़ा से पूछताछ हुई तो जांच एजेंसी को कई ऐसी बात पता चली जिसका अप्रत्यक्ष जुड़ाव वाड्रा के साथ पाया गया है। यह आरोप है कि भंडारी ने 19 लाख पाउंड में जो प्रोपर्टी खरीदी थी, उस पर 65900 पाउंड खर्च करने के बाद उसे उतनी ही रकम में वाड्रा काे बेच दिया गया। इससे साफ हो गया कि भंडारी इस संपत्ति का वास्तविक मालिक नहीं था। उसने वाड्रा को फायदा पहुंचाने के लिए यह सौदा किया था।
वाड्रा के सहयोगी को राहत
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की एक अदालत ने धनशोधन के एक मामले में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के करीबी सहयोगी मनोज अरोड़ा को गिरफ्तारी से मिली अंतरिम सुरक्षा की अवधि बुधवार को 16 फरवरी तक बढ़ा दी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार से आग्रह किया कि वाड्रा के मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी को तय हुई है इसलिए इस मामले को भी उसी तारीख पर सूचीबद्ध किया जाए।
यह मामला लंदन की 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर स्थित एक संपत्ति की खरीद में हुए कथित धन शोधन के आरोपों से जुड़ा हुआ है। इस संपत्ति की कीमत 19 लाख पाउंड बताई गई है जिसका कथित मालिकाना हक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के जीजा वाड्रा के पास है।