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Hindi News ›   India News ›   Risk and Hardship Allowance Withdrawn for CISF Personnel in 53 Units

CISF: 53 इकाइयों में जवानों व अधिकारियों का जोखिम-कठिनाई भत्ता बंद; 22 से 30 हजार रुपये तक का होगा नुकसान

Sat, 28 Mar 2026 08:06 AM IST
Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Sat, 28 Mar 2026 08:06 AM IST
सार

सीआईएसएफ की 53 इकाइयों में जोखिम और कठिनाई भत्ता बंद कर दिया गया है। हजारों जवानों और अधिकारियों को हर महीने 22 से 30 हजार रुपये तक का नुकसान होगा। जानिए पूरा मामला...

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Risk and Hardship Allowance Withdrawn for CISF Personnel in 53 Units
सीआईएसएफ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की 53 इकाइयों के हजारों जवानों और अधिकारियों का जोखिम एवं कठिनाई भत्ता तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। इससे उन्हें हर माह 22 से 30 हजार रुपये का नुकसान होगा।

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गृह मंत्रालय ने 6 मार्च को सीआईएसएफ मुख्यालय में कहा था कि 2019 के कार्यालय ज्ञापन ओएम के तहत जवानों-अधिकारियों को जोखिम एवं कठिनाई भत्ता दिया जा रहा, उसकी समीक्षा की जाए। यह भी कहा था कि उन्हीं कार्मिकों को उक्त भत्ता दें, जो मंत्रालय के 22 फरवरी 2019 को जारी ओएम के अनुसार योग्य हैं।
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सीआईएसएफ महानिदेशालय ने ओएम के तहत यह भत्ता लेने वाले कार्मिकों की समीक्षा की। इसके बाद भत्ते रोकने का निर्णय लिया गया। यह भत्ता केंद्रीय सशस्त्र बलों के कार्मिकों को जोखिम भरे और कठिन क्षेत्रों में काम करने को दिया जाता है। जोखिम और कठिनाई का स्तर क्षेत्रानुसार बदलता है।  जिन क्षेत्रों की यूनिटों पर भत्ते रोके गए हैं उनमें सर्वाधिक झारखंड के हैं। इनके अलावा तेलंगाना, बंगाल में कुछ यूनिटों में ये भत्ते रोके गए हैं। 
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जोखिम कम होने पर हटा दिए जाते हैं भत्ते...
ये भत्ते उच्च जोखिम/ कठिनाई (आर1एच1), उच्च जोखिम/ मध्यम कठिनाई (आर1एच2) और उच्च जोखिम/कम कठिनाई (आर1एच3) अंतर्गत दिए जाते हैं। जोखिम और कठिनाई वाले क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित राज्य, उत्तर पूर्व के कई स्थान शामिल हैं। कई दूसरे इलाके भी सूची में हैं। जब किसी क्षेत्र में जोखिम का स्तर और कठिनाई कम होता है तो वहां पर भत्ते हटा लिए जाते हैं।

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