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Maharashtra: शिवसेना UBT अकेले लड़ेगी निकाय चुनाव; महा विकास अघाड़ी में दरार? विपक्ष ने बताया डूबता जहाज
Sat, 11 Jan 2025 04:23 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 11 Jan 2025 04:23 PM IST
सार
महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी विधानसभा चुनाव के बाद दो फाड़ होती नजर आ रही है। दरअसल, गठबंधन की मुख्य दल शिवसेना यूबीटी ने अकेले स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वहीं गठबंधन में दरार की खबरों पर विपक्ष ने एमवीए को डूबता हुआ जहाज बताया है।
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महा विकास अघाड़ी में दरार? विपक्ष ने बताया डूबता जहाज
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महा विकास अघाड़ी की हार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच, उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली प्रमुख घटक दल शिवसेना (यूबीटी) ने शनिवार को स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की, जिससे विपक्षी दल की एकता पर सवालिया निशान लग गया है। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने गठबंधन में संबंधित दलों के कार्यकर्ताओं के लिए अवसरों की कमी और संगठनात्मक विकास के अधिकार को अकेले चुनाव लड़ने के प्रमुख कारणों के रूप में जिक्र किया।
दिल्ली में कांग्रेस को झटका दे चुकी है शिवसेना UBT
इससे दो दिन पहले, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कांग्रेस को एक झटका देते हुए 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल की आप को समर्थन देने की घोषणा की थी। संजय राउत ने कहा कि इंडिया ब्लॉक और महा विकास अघाड़ी गठबंधन- जिसमें सेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) शामिल हैं- लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए बने हैं।
संजय राउत के बयान पर कांग्रेस-शरद गुट की प्रतिक्रिया
वहीं संजय राउत की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर फैसला करेगा कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों में अकेले लड़ेगी या नहीं, जिसका कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है। शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के फैसले से एमवीए गठबंधन के सभी तीन घटकों की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा। विधानसभा में एनसीपी (एसपी) समूह के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि 'अगर वे अकेले जाना चाहते हैं, तो हम उन्हें रोकने वाले कौन होते हैं? हम किसी को जबरन साथ नहीं ले जा सकते। विधानसभा चुनाव में हार के बाद हमें साथ रहना होगा। मुझे नहीं लगता कि यह सही फैसला है। इससे तीनों एमवीए दलों की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा।'
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'MVA में समन्वय की कमी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार'
संजय राउत ने आगे कहा, 'गठबंधन में, अलग-अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं मिलते हैं और इससे संगठनात्मक विकास में बाधा आती है। हम अपनी ताकत के दम पर मुंबई, ठाणे, नागपुर और अन्य नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों के चुनाव लड़ेंगे।' संजय राउत ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे ने पार्टी को संकेत दिया है कि उसे अकेले ही चुनाव लड़ना चाहिए। वहीं राउत ने एमवीए में समन्वय की कमी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
'हम इंडिया ब्लॉक के लिए एक संयोजक नहीं नियुक्त कर सके'
विधानसभा चुनावों में एमवीए की हार को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पर आरोप-प्रत्यारोप का आरोप लगाते हुए संजय राउत ने कहा कि जो लोग आम सहमति और समझौते में विश्वास नहीं करते, उन्हें गठबंधन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आगे दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद इंडिया ब्लॉक ने एक भी बैठक नहीं की। शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा, 'हम इंडिया ब्लॉक के लिए एक संयोजक भी नियुक्त नहीं कर पाए। यह अच्छा नहीं है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, बैठक बुलाना कांग्रेस की जिम्मेदारी थी।'
एनसीपी (सपा) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टियों ने हमेशा स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़े हैं। उन्होंने पूछा, 'स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के होते हैं। अगर हम अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव लड़ते हैं, तो कैडर क्या करेगा, केवल नेताओं के गद्दे उठाएगा?' वहीं विपक्ष गठबंधन की हिस्सा शिवसेना ने इस पर तंज करते हुए एमवीए को डूबता हुआ जहाज बताया है।
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दिल्ली में कांग्रेस को झटका दे चुकी है शिवसेना UBT
इससे दो दिन पहले, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कांग्रेस को एक झटका देते हुए 5 फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल की आप को समर्थन देने की घोषणा की थी। संजय राउत ने कहा कि इंडिया ब्लॉक और महा विकास अघाड़ी गठबंधन- जिसमें सेना (यूबीटी), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) शामिल हैं- लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए बने हैं।
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संजय राउत के बयान पर कांग्रेस-शरद गुट की प्रतिक्रिया
वहीं संजय राउत की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व इस बात पर फैसला करेगा कि कांग्रेस स्थानीय निकाय चुनावों में अकेले लड़ेगी या नहीं, जिसका कार्यक्रम अभी घोषित होना बाकी है। शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के फैसले से एमवीए गठबंधन के सभी तीन घटकों की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा। विधानसभा में एनसीपी (एसपी) समूह के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि 'अगर वे अकेले जाना चाहते हैं, तो हम उन्हें रोकने वाले कौन होते हैं? हम किसी को जबरन साथ नहीं ले जा सकते। विधानसभा चुनाव में हार के बाद हमें साथ रहना होगा। मुझे नहीं लगता कि यह सही फैसला है। इससे तीनों एमवीए दलों की चुनावी संभावनाओं पर असर पड़ेगा।'
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'MVA में समन्वय की कमी के लिए कांग्रेस जिम्मेदार'
संजय राउत ने आगे कहा, 'गठबंधन में, अलग-अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं को अवसर नहीं मिलते हैं और इससे संगठनात्मक विकास में बाधा आती है। हम अपनी ताकत के दम पर मुंबई, ठाणे, नागपुर और अन्य नगर निगमों, जिला परिषदों और पंचायतों के चुनाव लड़ेंगे।' संजय राउत ने आगे कहा कि उद्धव ठाकरे ने पार्टी को संकेत दिया है कि उसे अकेले ही चुनाव लड़ना चाहिए। वहीं राउत ने एमवीए में समन्वय की कमी के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
'हम इंडिया ब्लॉक के लिए एक संयोजक नहीं नियुक्त कर सके'
विधानसभा चुनावों में एमवीए की हार को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार पर आरोप-प्रत्यारोप का आरोप लगाते हुए संजय राउत ने कहा कि जो लोग आम सहमति और समझौते में विश्वास नहीं करते, उन्हें गठबंधन में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आगे दावा किया कि लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद इंडिया ब्लॉक ने एक भी बैठक नहीं की। शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा, 'हम इंडिया ब्लॉक के लिए एक संयोजक भी नियुक्त नहीं कर पाए। यह अच्छा नहीं है। गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, बैठक बुलाना कांग्रेस की जिम्मेदारी थी।'
एनसीपी (सपा) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा कि पार्टियों ने हमेशा स्थानीय निकाय चुनाव अकेले लड़े हैं। उन्होंने पूछा, 'स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं के होते हैं। अगर हम अपनी सुविधा के अनुसार चुनाव लड़ते हैं, तो कैडर क्या करेगा, केवल नेताओं के गद्दे उठाएगा?' वहीं विपक्ष गठबंधन की हिस्सा शिवसेना ने इस पर तंज करते हुए एमवीए को डूबता हुआ जहाज बताया है।
#WATCH | Mumbai: Shiv Sena leader Sanjay Nirupam says, "There is no coordination between the Maha Vikas Aghadi and INDI alliance...It was just a conspiracy to stop Narendra Modi from becoming the PM of India for the third time...They gained some benefit from it in the Lok Sabha… pic.twitter.com/iS6gO4uXro
— ANI (@ANI) January 11, 2025