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सेना के रिटायर्ड डॉक्टर ने पत्नी को 300 टुकड़ों में काटा, मिली उम्रकैद की सजा 

Tue, 25 Feb 2020 09:17 PM IST
अमित कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: अमित कुमार Updated Tue, 25 Feb 2020 09:17 PM IST
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Retired army doctor who chopped his wife into 300 pieces gets life sentence in Bhubaneswar
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

सेना के एक रिटायर्ड डॉक्टर ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसे 300 टुकड़ों में काट डाला। करीब छह साल पहले की इस घटना में डॉक्टर ने अपनी 61 साल की पत्नी की हत्या कर उसे टिफिन बॉक्स में डाल दिया। ओडिशा की स्थानीय अदालत ने मंगलवार को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है। 

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लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर्ड) सोमनाथ परीदा को खुरदा की जिला व सत्र अदालत ने हत्या और सबूत मिटाने का दोषी पाया है। अदालत ने 78 साल के परीदा पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सरकारी वकील बीरेन कुमार पांडा के मुताबिक अदालत ने जैसे ही सजा सुनाई परीदा अदालत में फूट फूटकर रोने लगा। जून, 2013 में गुस्से में उसने पत्नी उषाश्री समाल को भुवनेश्वर स्थित अपने आवास पर स्टील की टॉर्च से मार डाला था। बाद में उसने उसके शव को 300 हिस्सों में काट डाला। इसके बाद उसने शव को सर्जरी वाले उपकरण से 6-6 इंच के हिस्सों में काटा और उसे 22 टिफिन में पैक कर दिया। 
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डॉक्टर ने शव पर फिनाइल भी छिड़क दिया ताकि उससे बदबू न आए। 22 जून, 2013 को हत्या का मामला सार्वजनिक हुआ। बार—बार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं देने के बाद परीदा पत्नी का भाई रंजन समाल अन्य रिश्तेदारों के साथ अपनी बहन के बारे में जानने के लिए घर आया। परीदा के बच्चे विदेश में रहते हैं।  पहले तो परीदा ने दरवाजा नहीं खोला, इसके बाद रिश्तेदारों ने खिड़की से झांकने की कोशिश की तो उन्हें घर के भीतर से बदबू आई। परीदा को गिरफ्तार किया गया और एक बक्से में से टिफिन से उसकी पत्नी के शव के टुकड़े बरामद हुए। 

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दावा किया कि पत्नी ने आत्महत्या की 

इतनी भयावह घटना को अंजाम देने के बावजूद पुलिस डॉक्टर के शांत स्वभाव को देखकर हैरान थी। चार्जशीट के मुताबिक, 'अपनी पत्नी की हत्या के बाद भी वह निजी अस्पताल में क्लीनिक जाता रहा। सुनवाई के दौरान वह बार—बार यही कहता रहा कि उसकी पत्नी ने आत्महत्या की है। उसने उसके शव को इसलिए संभालकर रखा था ताकि उसे शिरडी ले जाकर अंतिम संस्कार कर सके।'

1992 में हुआ था रिटायर 

परीदा 1992 में रिटायर हुआ था। इसके बाद वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत कई संगठनों के लिए काम करता रहा। बाद में उसके बच्चे विदेश में रहने के लिए चले गए, तो दंपती अकेले रहने लगी। यह भी पता चला है कि दोनों के बीच अक्सर विवाद होते रहे हैं। वह अक्सर नशे में भी रहता था। न्याय में इसलिए भी देरी हुई क्योंकि परीदा अक्सर अपने वकील बदल रहा था। 

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