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फर्जी है आईएसआई के रिटायर कर्नल का मृत्यु प्रमाणपत्र, एनआईए की हिरासत में नहीं हुई मौत
Thu, 21 Nov 2019 07:09 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 21 Nov 2019 07:09 AM IST
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सोशल मीडिया पर एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की फोटो काफी वायरल हो रही है जिसे दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन की ओर से प्रमाणित बताया जा रहा है। इसके मुताबिक इस महीने एक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की हिरासत में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के एक सेवानिवृत्त कर्नल की मौत हुई है।
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माना जा रहा है कि यह फर्जी प्रमाण पत्र पाकिस्तान की ओर से ही फैलाया गया है। समाचार वेबसाइट दि प्रिंट के मुताबिक सुरक्षा एजेंसी के सूत्रों ने बताया कि यह प्रमाणपत्र सबसे पहले मंगलवार देर रात पाकिस्तान के व्हाट्एप ग्रुप्स पर देखा गया। सूत्र ने बताया कि यह पूरी तरह फर्जी है कयोंकि दिल्ली म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ने ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है।
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पहली नजर में यह प्रमाणपत्र असली लगता है लेकिन ध्यान से देखने पर पता चल जाता है कि यह फर्जी है। प्रमाणपत्र में एक जगह दिल्ली की स्पेलिंग गलत लिखी है तो दूसरी ओर डिप्टी पुलिस कमिश्नर, स्पेशल सेल का नाम राजीव रंजन लिखा है जो असल में दिल्ली पुलिस कमिश्नर के स्टाफ अधिकारी हैं। दिल्ली पुलिस में एक और अधिकारी का नाम राजीव रंजव है जो एडीशनल कमिश्नर (क्राइम) के पद पर हैं।
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटायर) मोहम्मद हबीब छह अप्रैल 2017 से नेपाल के लुंबिनी से लापता हैं। यह भारतीय सीमा के नजदीक है। पाकिस्तानी मीडिया ने यह आरोप भी लगाया कि कुलभूषण जाधव को मृत्यु दंड देने का बदला लेने के लिए हबीब को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने अपहृत किया था। इस बात की लगातार अफवाह उड़ी है कि हबीब भारत की हिरासत में हो सकते हैं, लेकिन इसकी आधिकारीर घोषणा नहीं की गई है।