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बंद हो फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन, महिलाओें में पनपती है हीन भावना
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Wed, 27 Jul 2016 05:28 AM IST
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मानसून सत्र के दौरान एक बार फिर फेयरनेस क्रीम का मामले में पर राज्यसभा में जमकर बहस हुई। राज्यसभा में मंगलवार को फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। गोरा करने वाली क्रीम के विज्ञापनों पर प्रतिबंध के संबंध में सदस्यों का कहना था कि ऐसे उत्पाद और उनका प्रचार महिलाओं को नीचा दिखाते हैं।
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शून्यकाल के दौरान मामले को उठाते हुए कांग्रेस की सांसद विप्लव ठाकुर ने कहा कि फेयर एंड लवली और पॉन्ड्स फेस क्रीम जैसे उत्पादों का विज्ञापन महिलाओं का अपमान है। हर क्रीम गोरा करने का दावा करती है लेकिन ऐसे दावों की कभी जांच नहीं की जाती।
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ठाकुर ने कहा कि ऐसे विज्ञापन बंद होने चाहिए और इन पर प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे विज्ञापनों से महिलाओें में हीनता की भावना पनपती है। सरकार को इन विज्ञापनों के जरिये किए जाने वाले ‘झूठे दावों’ के बारे में संज्ञान लेना चाहिए।
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इससे पहले भी इस मुद्दे को राज्य सभा में उठाते हुए कई महिला सांसदों ने फेयरनेस क्रीम के विज्ञापनों पर सवाल उठाए थे। सांसदों का कहना था कि विज्ञापनों की भाषा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।