फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Research Hair styling products increase cancer risk and infertility harmful chemicals present

Research: हेयर स्टाइलिंग उत्पादों से कैंसर, मौजूद रहता है हानिकारक रसायन, बांझपन का जोखिम अधिक

Sat, 16 Dec 2023 07:06 AM IST
यशोधन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: यशोधन शर्मा Updated Sat, 16 Dec 2023 07:06 AM IST
सार

इस शोध के नतीजे एसीएस जर्नल एनवायर्नमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने इन आसानी से वाष्पित होने वाले यौगिकों के उत्सर्जन की जांच की है।

विज्ञापन
Research Hair styling products increase cancer risk and infertility harmful chemicals present
hair care products - फोटो : pexel

विस्तार

बाल सज्जा उत्पादों के साथ गर्मी का मेल सेहत के लिए घातक हो सकता है। इन उत्पादों में आमतौर पर ऐसे तत्व होते हैं जो बड़ी आसानी से वाष्प के रूप में तब्दील हो जाते हैं। ऐसे में जब महिलाएं या पुरुष बालों की स्ट्रेटनिंग और कर्लिंग आदि के लिए इन उत्पादों का उपयोग करते हैं तो यह रसायन उनके शरीर में पहुंच जाते हैं, जो गर्भाशय कैंसर, हार्मोनल समस्या और बांझपन जैसी खतरनाक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। 

विज्ञापन


इस शोध के नतीजे एसीएस जर्नल एनवायर्नमेंटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के दौरान शोधकर्ताओं ने इन आसानी से वाष्पित होने वाले यौगिकों के उत्सर्जन की जांच की है। इन्हें वाष्पशील कार्बनिक यौगिक (वीओसी) के रूप में जाना जाता है। इनमें बालों में चमक लाने और उन्हें स्मूथ बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाले सिलोक्सेन भी शामिल है। अध्ययन से पता चला है कि बालों की देखभाल में इस्तेमाल होने वाले इन उत्पादों के उपयोग से घर या सैलून के भीतर हवा की संरचना में तेजी से बदलाव आ सकता है। इसके अलावा सामान्य हीट स्टाइलिंग तकनीकें जैसे स्ट्रेटनिंग और कर्लिंग, वीओसी के स्तर को और बढ़ा देती हैं।
विज्ञापन


सेहत के लिए खतरनाक सिलोक्सेन  
विशेषज्ञों के अनुसार साइक्लोमेथिकोन समय के साथ शरीर में जमा हो जाता है। इससे भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने की आशंका है। यूरोपीय संघ विशेष रूप से साइक्लोमेथिकोन के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले 4डी और 5डी सिलोक्सेन को लेकर चिंतित है। 4डी सिलोक्सेन को मानव हार्मोनल फंक्शन में हस्तक्षेप करने और प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने वाला बताया गया है। 5डी सिलोक्सेन के गर्भाशय ट्यूमर से जुड़े होने का संदेह है। 5डी सिलोक्सेन भी एक हार्मोनल समस्या है और बांझपन का कारण बनती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


वीओसी की जांच के लिए हवादार घर में किया प्रयोग
शोधकर्ताओं ने वीओसी की संरचना में बदलावों की जांच के लिए एक छोटे हवादार घर को चुना। अध्ययन में शामिल लोगों ने अपने सामान्य हेयर केयर उत्पादों जैसे क्रीम, स्प्रे और तेल के साथ हीटिंग उपकरणों का उपयोग किया था। हेयर स्टाइलिंग की इस पूरी प्रक्रिया से पहले, उसके दौरान और बाद में भी शोधकर्ताओं ने रियल टाइम में वीओसी के उत्सर्जन को मापा था। इस दौरान शोधकर्ताओं ने चक्रीय वाष्पशील मिथाइल सिलोक्सेन (सीवीएमएस) की मौजूदगी की भी जांच की थी। इसका कई हेयर केयर उत्पादों में उपयोग किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed