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चिंताजनक: जंगल की आग से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा कार्बन उत्सर्जन, शोधकर्ताओं का दावा- अल नीनो की भूमिका बेहद अहम
Sun, 26 Jan 2025 06:10 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 26 Jan 2025 06:10 AM IST
सार
कीलिंग के अनुसार पिछले साल अल नीनो से मिले प्रोत्साहन के बिना भी जीवाश्म ईंधन के जलने और वनों की कटाई के कारण सीओ2 की वृद्धि अब आईपीसीसी के 1.5 डिग्री सेल्सियस से आगे निकल जाएगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि, स्क्रिप्स की मई 2024 की रिपोर्ट में मार्च 2023 की तुलना में मार्च 2024 में 4.7 पीपीएम की रिकॉर्ड मासिक वृद्धि दर्ज की गई।
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जंगल में लगी आग (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला/एजेंसी
विस्तार
दुनियाभर के जंगलों में लगी भीषण आग के साथ मानवजनित उत्सर्जन के कारण 2024 में वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) का उत्सर्जन रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गया है। इसने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह जानकारी कीलिंग कर्व ने दी है। कीलिंग कर्व वैश्विक स्तर पर वायुमंडलीय कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता का दैनिक लेखा-जोखा रखता है। यह जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से जुड़े डेटा को एकत्रित करता है।
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2024 के लिए औसत कार्बन डाइऑक्साइड सांद्रता पिछले वर्ष की तुलना में 3.58 पार्ट पर मिलियन (पीपीएम) अधिक थी। इस वर्ष यह 3.41 पीपीएम के पिछली बार हुई रिकॉर्ड वृद्धि को पार कर गई है। हालांकि यूसी सैन डिएगो के स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी के अनुसार 21 जनवरी 2025 तक सीओ2 का स्तर 427.1 पीपीएम तक पहुंच गया था। यह अब तक का सबसे अधिक है। स्क्रिप्स में सीओ2 निगरानी कार्यक्रम का नेतृत्व करने वाले राल्फ कीलिंग ने इस अभूतपूर्व वृद्धि में अल नीनो की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष रूप से जिक्र किया। अल नीनो तब होता है जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में सतह का तापमान औसत से ऊपर बढ़ जाता है।
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कम होने के बजाय बढ़ रहा सीओ2
कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में वृद्धि के परिणाम कीलिंग और यूनाइटेड किंगडम मेट ऑफिस के वार्षिक सीओ2 के वृद्धि पूर्वानुमानों के अनुरूप ही हैं। हालांकि बाद के शोधकर्ताओं के अनुसार यह वृद्धि जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल(आईपीसीसी)के अनुमानों के विपरीत है जो दीर्घकालिक औसत वैश्विक तापमान को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर सीमित करने के लिए है। मेट ऑफिस के प्रमुख रिचर्ड बेट्स ने कहा कि वैश्विक तापमान को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए सीओ2 वृद्धि को धीमा करना होगा लेकिन हो वास्तव में इसके विपरीत रहा है।
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उत्सर्जन की प्रमुख वजह
कीलिंग के अनुसार पिछले साल अल नीनो से मिले प्रोत्साहन के बिना भी जीवाश्म ईंधन के जलने और वनों की कटाई के कारण सीओ2 की वृद्धि अब आईपीसीसी के 1.5 डिग्री सेल्सियस से आगे निकल जाएगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि, स्क्रिप्स की मई 2024 की रिपोर्ट में मार्च 2023 की तुलना में मार्च 2024 में 4.7 पीपीएम की रिकॉर्ड मासिक वृद्धि दर्ज की गई। इसने 2015 से 2016 अल नीनो घटना के दौरान दर्ज 4.1 पीपीएम मासिक वृद्धि के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। जंगल की आग ने 2024 में सीओ2 के स्तर में रिकॉर्ड वृद्धि की है। 2024 का मासिक औसत जून 2015 से जून 2016 तक 4.1 पीपीएम के पिछले रिकॉर्ड को पार कर गया है। इस दौरान अल नीनो की स्थिति ने वैश्विक मौसम को सर्वाधिक प्रभावित किया है और इसने सीओ2 के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।