{"_id":"61071c046323481bd07626e0","slug":"remdesivir-injection-may-soon-be-in-powder-form-and-government-approved-for-testing","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना वायरस: अब तैयार हो रहा रेमडेसिविर का पाउडर, सरकार ने परीक्षण की मंजूरी दी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना वायरस: अब तैयार हो रहा रेमडेसिविर का पाउडर, सरकार ने परीक्षण की मंजूरी दी
Mon, 02 Aug 2021 03:41 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 02 Aug 2021 03:41 AM IST
सार
मरीजों में बेअसर साबित हुई रेमडेसिविर को सरकार ने एक साल बाद कोविड प्रोटोकॉल से हटाया
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एचसीक्यू के बाद अब एक और दवा कोविड प्रोटोकॉल से बाहर आने के बाद नए रुप में सामने आ सकती है। रेमडेसिविर इंजेक्शन को जल्द ही पाउडर के रूप में लाया जा सकता है। इसके लिए लुपिन फार्मा कंपनी ने सरकार से अनुमति भी मांगी लेकिन ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (सीडीएससीओ) के अधीन विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने पहले मानव परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
कंपनी से कहा है कि इस पाउडर पर दूसरे चरण का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद सामने आए परिणामों के आधार पर अगला परीक्षण करने के अनुमति दी जाएगी।
समिति के एक सदस्य ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन गंभीर कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों में दिया जा रहा था लेकिन अब फार्मा कंपनी ने दावा किया है कि यह पाउडर उन मरीजों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जिनका इलाज घरों में चल रहा है।
विज्ञापन
हालांकि दूसरी ओर समिति सदस्य ने इस पर भी सहमति जताई कि कोविड-19 के उपचार में रेमडेसिविर का योगदान संतोषजनक नहीं मिला है जिसके चलते जून में भारत सरकार ने कोविड प्रोटोकॉल से इसे बाहर भी कर दिया है।
विज्ञापन
दूसरी लहर के दौरान रेमडेसिविर की कालाबाजारी की घटनाएं भी जाहिर हैं। उन्होंने कहा कि लुपिन लिमिटेड फार्मा कंपनी अभी इस पर काम कर रही है। कंपनी से सीटी प्रोटोकॉल, स्टडी डिजाइन, सैंपल साइज, दवा का असर इत्यादि बिंदुओं पर बदलाव करने और फिर से आवेदन देने के लिए कहा है।
दरअसल पिछले साल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास के शोधकर्ताओं ने अस्पताल में भर्ती नहीं होने वाले मरीजों तक रेमडेसिविर को पहुंचाने के लिए इसे सूखे पाउडर में विकसित किया। इस इनहेल्ड फॉर्मूलेशन को सस्ता और कम-खुराक वाला बताया गया है जो बीमारी को उसके शुरुआती चरणों में रोकने की क्षमता रखता है। यहां तक दावा किया गया है कि यह सीधे फेफड़ों में कोरोना वायरस को पहुंचने से रोकता है।