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भारत में सबसे अहम मुद्दों में से एक है धार्मिक संघर्ष: सर्वे
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Aug 2016 04:34 AM IST
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भारत में भ्रष्टाचार और गरीबी के बाद शताब्दियों से सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले मुद्दों में से एक धार्मिक संघर्ष है। यह एक सर्वेक्षण में सामने आया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा किए गए ग्लोबल शेपर्स एनुअल सर्वे-2016 के अनुसार, जवाब देने वाले 49.6 फीसदी लोगों ने सरकारी जवाबदेही और पारदर्शिता या भ्रष्टाचार को देश को प्रभावित करने वाले सबसे गंभीर मुद्दे माने। जबकि 39.7 फीसदी भारतीय गरीबी, 32.7 फीसदी धार्मिक संघर्ष और 31.1 फीसदी शिक्षा के अभाव को सबसे गंभीर मुद्दा मानते हैं।
ग्लोबल सर्वे विश्वभर के युवाओं की सोच, प्रमुखता और चिंताओं को लेकर था। इस सर्वे में 181 देशों के 26,000 प्रतिभागी शामिल हुए। वैश्विक स्तर पर लगातार दूसरे साल शताब्दी की सबसे गंभीर समस्या जलवायु परिवर्तन को माना गया। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर संघर्ष, धार्मिक संघर्ष और गरीबी अन्य गंभीर मुद्दे माने गए।
26 फीसदी भारतीय प्रतिभागियों ने खुद पर स्थानीय समस्याओं को सुलझाने का भरोसा जताया जबकि 20 फीसदी ने सरकार और 17 फीसदी ने सिविल सोसाइटी की जिम्मेदारी बताया। वैश्विक चुनौतियों के संबंध में 26 फीसदी युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और 20 फीसदी ने स्वयं की जिम्मेदारी बताया।
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ग्लोबल सर्वे विश्वभर के युवाओं की सोच, प्रमुखता और चिंताओं को लेकर था। इस सर्वे में 181 देशों के 26,000 प्रतिभागी शामिल हुए। वैश्विक स्तर पर लगातार दूसरे साल शताब्दी की सबसे गंभीर समस्या जलवायु परिवर्तन को माना गया। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर संघर्ष, धार्मिक संघर्ष और गरीबी अन्य गंभीर मुद्दे माने गए।
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26 फीसदी भारतीय प्रतिभागियों ने खुद पर स्थानीय समस्याओं को सुलझाने का भरोसा जताया जबकि 20 फीसदी ने सरकार और 17 फीसदी ने सिविल सोसाइटी की जिम्मेदारी बताया। वैश्विक चुनौतियों के संबंध में 26 फीसदी युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों और 20 फीसदी ने स्वयं की जिम्मेदारी बताया।
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