{"_id":"5f770ffa2e5b0a45f41ba0df","slug":"reliance-develops-rt-pcr-kit-that-can-give-covid19-results-in-2-hours","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिलायंस ने विकसित की RT-PCR किट, अब 24 नहीं महज दो घंटे में लगेगा कोरोना का पता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रिलायंस ने विकसित की RT-PCR किट, अब 24 नहीं महज दो घंटे में लगेगा कोरोना का पता
Fri, 02 Oct 2020 05:03 PM IST
मुकेश कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 02 Oct 2020 05:03 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिलायंस लाइफ साइंसेज ने ऐसी आरटी-पीसीआर किट विकसित की है, जो करीब दो घंटे में कोरोना की जांच का परिणाम दे देती है। कंपनी से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। मौजूदा वक्त में आरटी-पीसीआर किट से कोविड-19 की जांच के परिणाम में करीब 24 घंटे का वक्त लग जाता है।
विज्ञापन
यह प्रयोगशाला में वास्तविक समय में किसी विषाणु के डीएनए और आरएनए में नकल करने की जांच करता है और सार्स-कोव-2 में मौजूद न्यूक्लिक अम्ल की पहचान करता है। न्यूक्निक अम्ल हर ज्ञात जीवित वस्तु में पाया जाता है। सूत्र ने कहा कि रिलायंस लाइफ साइंसेज के वैज्ञानिकों ने देश में सार्स-कोव-2 के 100 से ज्यादा जीनोम का विश्लेषण किया और इस आधुनिक आरटी-पीसीआर किट को विकसित किया।
विज्ञापन
रिलायंस लाइफ उद्योगपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की अनुषंगी कंपनी है। सूत्र ने कहा कि कंपनी ने इस किट को ‘आरटी-ग्रीन किट’ का नाम दिया है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से इसे संतोषजनक प्रदर्शन के लिए तकनीकी मान्यता मिल चुकी है।
विज्ञापन
आईसीएमआर की मान्यता प्रक्रिया किट के डिजाइन को ना तो स्वीकार ना ही अस्वीकार करती है। साथ ही यह किट के प्रयोग में सुगमता को प्रमाणित नहीं करती है। सूत्र ने कहा कि यह किट सार्स-कोव-2 के ई-जीन, आर-जीन, आरडीआरपी जीन की मौजूदगी को पकड़ सकती है।
आईसीएमआर की जांच के मुताबिक यह किट 98.7 प्रतिशत संवेदनशीलता और 98.8 प्रतिशत विशेषज्ञता को दिखाती है। उन्होंने कहा कि इसे कंपनी में काम करने वाले भारतीय शोध वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। इससे जांच का परिणाम आने वाला अनुमानित समय दो घंटे है।