{"_id":"6284e10a1ca6665c3d08b34f","slug":"regarding-chintan-shivir-shashi-tharoor-said-that-it-is-an-exercise-to-strengthen-the-party","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिंतन शिविर: थरूर बोले- यह पार्टी को मजबूत करने का अभ्यास, सलाहकार समूह से अनुभवी नेताओं को होगा लाभ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
चिंतन शिविर: थरूर बोले- यह पार्टी को मजबूत करने का अभ्यास, सलाहकार समूह से अनुभवी नेताओं को होगा लाभ
Wed, 18 May 2022 05:35 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 18 May 2022 05:35 PM IST
सार
उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिवर को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि यह पार्टी को मजबूत करने का अभ्यास था। इस दौरान देश के सामने खड़ी चुनौतियों पर विचार विमर्श करने के लिए गठित समिति में खुलकर चर्चा हुई।
विज्ञापन
शशि थरूर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि ये पार्टी को मजबूत करने के लिए एक तरह की एक्सरसाइज है। उन्होंने बताया कि इस दौरान देश के सामने खड़ी चुनौतियों पर विचार विमर्श करने के लिए गठित समिति में खुलकर चर्चा हुई।
विज्ञापन
शशि थरूर ने कहा कि चिंतन शिवर में पार्टी के संसदीय बोर्ड को गठित करने की मांग को पूरा किया गया। हमने संसदीय बोर्ड के पुनरूद्धार और कार्यसमिति के चुनाव का प्रस्ताव रखा। हमने नए सिरे से आवाज उठाई। जिसपर अंतिम निर्णय हमेशा नेतृत्व के पास रहेगा।
विज्ञापन
उदयपुर में 13-15 मई के विचार-मंथन सत्र के बाद सोनिया गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति से तैयार एक सलाहकार समूह की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक निर्णय लेने वाली संस्था नहीं है और इससे उन्हें वरिष्ठ सहयोगियों के विशाल अनुभव का लाभ प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
शिविर में हुई चर्चा का जिक्र करते हुए थरूर ने कहा, हवा में बदलाव की काफी चर्चा के बीच रचनात्मक भावना से गंभीर चर्चा हुई। लेकिन यह देखना बाकी है कि हमारा कितना उद्देशय पूरा होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी के मुद्दे पर उनकी जानकारी के अनुसार चर्चा नहीं हुई। लेकिन इसमे संदेह नहीं है कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं के पसंदीदा होंगे।