Sabrina Case: सबरीना मामले में व्हाइट हाउस से आई प्रतिक्रिया, 'स्वीकार नहीं' कहकर किसको लिया निशाने पर!
Sabrina Case: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में सवाल पूछने वाली पत्रकार सबरीना को लेकर हो रही ट्रोलिंग का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के पत्रकार समुदायों से लेकर व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है।
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अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने वाली वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना को ट्रोल किए जाने पर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया के बाद राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस से लेकर विपक्षी दलों ने व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया के बाद केंद्र सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इस बीच, व्हाइट हाउस की ओर से आई प्रतिक्रिया में 'अनएक्सेप्टेबल' शब्द से सियासी गलियारों में यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर अमेरिका ने ऐसा कहकर किसको निशाने पर लिया है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना मामले में अमेरिका में व्हाइट हाउस की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों ने इसको लेकर सवाल उठाया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में सवाल पूछने वाली पत्रकार सबरीना को लेकर हो रही ट्रोलिंग का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के पत्रकार समुदायों से लेकर व्हाइट हाउस तक पहुंच गया है। इस बारे में व्हाइट हाउस के पदाधिकारी जॉन किर्बी ने व्हाइट हाउस की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि उनको अपने पत्रकार की ट्रोलिंग की जानकारी है। उन्होंने कहा कि वह इसकी निंदा करते हैं और यह किसी तरीके से स्वीकार्य नहीं है। जॉन किर्बी की ओर से आए जवाब को लेकर पत्रकारों के एसोसिएशन ने अपनी प्रतिक्रिया में इसको बस सिर्फ एक सवाल का जवाब बताया।
वरिष्ठ पत्रकार आरएन सिंह कहते हैं कि व्हाइट हाउस की ओर से आई प्रतिक्रिया व्हाइट हाउस रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में हैं। सिंह का कहना है कि इस मामले को बेवजह तूल दिया जा रहा है। वे कहते हैं कि अगर इस मामले व्हाइट हाउस स्वतः संज्ञान लेते हुए कोई जवाब देता तब तो उसकी ओर से की जाने वाली प्रतिक्रिया मानी जाती है। यह तो सवाल के जवाब में दिया गया प्रतिउत्तर है। सिंह का मानना है कि इसे लेकर बेवजह तूल देने की आवश्यकता बिल्कुल नहीं है। पत्रकारों के सवाल के जवाब को समूचे अमेरिका की ओर से मिलने वाले जवाब या अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडन का जवाब नहीं माना जाना चाहिए।
वहीं, इस पूरे मामले में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की पूरी यात्रा और व्हाइट हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए सवाल के बाद पत्रकार को ट्रोल किए जाने पर सवालिया निशान लगाए हैं। कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करने की वजह से एक महिला पत्रकार को प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। उनकी पार्टी इसकी निंदा करती है। पार्टी की ओर से किए गए ट्वीट में कहा गया है कि नौ साल में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और उनसे सवाल पूछा गया था। इस सवाल ने प्रेस की स्वतंत्रता के खोखले दावे को उधेड़ कर रख दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि आखिर ऐसी कौन सी बात है जिसमें प्रधानमंत्री से सवाल पूछे जाने के बाद व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने 'अनएक्सेप्टेबल' शब्द का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि इसके मायने समझने चाहिए कि उनका इशारा किसकी ओर है और उन्होंने ऐसा कहकर किस को निशाने पर लिया है।
ट्रोल पर विरोध का तरीका गलत
इस पूरे मामले में सबरीना का साथ देने वाले पत्रकार संगठनों के अलावा कुछ इंडो अमेरिकन कम्युनिटी टि्वटर हैंडल से आपत्तिजनक ट्वीट भी किए जा रहे हैं। इसको लेकर देश के पत्रकारों ने भी आपत्ति दर्ज की। वरिष्ठ पत्रकार सदानंद पांडेय कहते हैं कि अमेरिकी पत्रकार के पूछे गए सवाल के जवाब में हमारे देश के प्रधानमंत्री ने जो उत्तर दिया उस पर किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। पांडे कहते हैं कि मोदी ने तो पत्रकार के सवाल का विस्तार से जवाब दिया था। लेकिन अमेरिकी पत्रकार के ट्रोल होने पर उनका समर्थन करने वाले लोग भी तो हमारे देश के प्रधानमंत्री को ट्रोल कर रहे हैं। वह कहते हैं कि एक तरफा बात करने की बजाय दोनों पक्षों को देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल नाम के एक टि्वटर हैंडल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसको लेकर तो कोई सवाल नहीं पूछा गया।
वहीं इस पूरे मामले में ट्रोल हो रही सबरीना सिद्दीकी ने खुद ट्वीट करते हुए अपनी और अपने पिता की तस्वीर को साझा किया है जिसमें वह 2011 में क्रिकेट के वर्ल्ड कप में भारत की जर्सी पहनकर उसका सपोर्ट करती हुई दिख रही है। इस पूरे मामले में अमेरिका की साउथ एशिया जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना को ट्रोल करके निशाने पर लिए जाने के मामले में विरोध दर्ज किया है। एसोसिएशन की ओर से ट्वीट करते हुए कहा गया है कि वह इस मामले में अपनी महिला पत्रकार को सपोर्ट करते हैं।