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पुलवामा हमले में हुआ था पाकिस्तान से आए आरडीएक्स का इस्तेमाल
Thu, 21 Feb 2019 03:32 PM IST
तिवारी अभिषेक
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
Published by: तिवारी अभिषेक
Updated Thu, 21 Feb 2019 03:32 PM IST
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pulwama terror attack
- फोटो : PTI
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पुलवामा हमले में इस्तेमाल किया गया आरडीएक्स पाकिस्तान से लाया गया था। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) के विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि आतंकियों ने सीआरपीएफ की बस पर हमला करने के लिए आरडीएक्स और ट्राइनाइट्रो टॉल्यून (टीएनटी) का इस्तेमाल किया है।
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यह आरडीएक्स पाकिस्तान के पंजाब प्रांत स्थित वाह कैंट के आयुध कारखाने (पीओएफ) में बनाया गया था। ये सभी सबूत जल्द ही पाकिस्तानी सरकार को भी सौंपे जाएंगे। जांच एजेंसी के मुताबिक, विस्फोट स्थल से अब करीब-करीब सभी तरह का मलबा जांचा जा चुका है और जिस गाड़ी का इस्तेमाल धमाके में किया गया था, उसके अवशेष भी अहम सबूत के तौर पर रखे गए हैं।
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पाकिस्तान की सबसे बड़ी फैक्टरी
पीओएफ को पाकिस्तान की सबसे बड़ी आयुध फैक्टरी माना जाता है। इसमें पाकिस्तान सेना के लिए और व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले कारतूस से लेकर बड़े हथियार और गोला बारूद तैयार किए जाते हैं। वाह कैंट परिसर में इसकी 14 अन्य बड़ी यूनिट भी लगाई गई हैं। जिसमें आरडीएक्स, टीएनटी और पीईटीएन जैसे दूसरे करीब दर्जनभर विस्फोटक पदार्थ तैयार किए जाते हैं।
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एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार, पुलवामा हमले में आरडीएक्स-टीएनटी का मिक्सर 'सीएस 5446 (बी)-पाक एक्सप्लो 38 (ए) का इस्तेमाल हुआ है। भारतीय सेना पहले ही कह चुकी है कि पाकिस्तान सेना और आईएसआई का जैश-ए-मोहम्मद को पूरा समर्थन हासिल है। सीमा पार के आतंकी कैंप और बॉर्डर एक्शन टीम 'बैट' को पाक सेना व आईएसआई की मदद से प्रशिक्षण दिया जाता है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि यह आरडीएक्स जम्मू कश्मीर में कैसे पहुंचा और कितनी मात्रा में लाया गया था।