PNB Scam पर RBI गवर्नर ने तोड़ी चुप्पी, कहा- व्यवस्था सुधारने के लिए जहर भी पियेंगे
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बैंकों में सामने आ रही धोखाधड़ी पर गहरी पीड़ा का इजहार करते हुए आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने बुधवार को कहा कि नीलकंठ की तरह आरबीआई विष पी लेगा और आलोचना का सामना करेगा, लेकिन हर कोशिश के साथ बेहतर होने का प्रयास जारी रखेगा। 12,967 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले पर चुप्पी तोड़ते हुए उन्होंने कहा कि मैंने आज बोलने का फैसला यह बताने के लिए किया है कि बैंकिंग सेक्टर की धोखाधड़ी और अनियमितता को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक में हम भी गुस्सा, दुख और पीड़ा महसूस कर रहे हैं।
पटेल यहां गुजरात राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में व्याख्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सीधे सरल शब्दों में कहा जाए, तो इस तरह की घटनाएं बता रही हैं कि कारोबारी समुदाय में कुछ लोग बैंकों की मिलीभगत से देश का भविष्य लूट रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरबीआई ने बैंकों की संपत्ति गुणवत्ता की समीक्षा की व्यवस्था बनाई है और हम इस भ्रष्ट गठजोड़ को तोड़ने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
पौराणिक घटना का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि आरबीआई ने अमृत मंथन में मंदार पर्वत की तरह देश की ऋण संस्कृति को स्वच्छ करने का बीड़ा उठाया है और आज की भारतीय अर्थव्यवस्था का समुद्र मंथन कर रहा है। जब तक मंथन पूरा नहीं होता और सुरक्षित तरीके से देश के भविष्य के लिए स्थिरता रूपी अमृत सामने नहीं आता, किसी न किसी को इस दौरान निकलने वाले विष को पीना ही होगा।
गवर्नर ने कहा कि यदि हमें आलोचना झेलना पड़े और विष पीकर नीलकंठ बनना पड़े, तो हम यह कर्तव्य समझकर करेंगे। हम अपनी कोशिश जारी रखेंगे और हर प्रयास के साथ बेहतर होते जाएंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि इस अमृत मंथन में अधिकाधिक प्रमोटर और बैंक देवों के पक्ष में खड़ा होना पसंद करेंगे न कि असुरों के पक्ष में।
नियामक के लिए हर धोखाधड़ी को पकड़ना असंभव
उन्होंने बैंकिंग नियमन की शक्ति को बैंक स्वामित्व से निरपेक्ष किए जाने और सरकारी तथा निजी बैंकों के लिए समानता का अवसर कायम किए जाने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद यह कहा जाता है कि आरबीआई के निगरानी दस्ते को इसे पहले ही पकड़ना चाहिए था। लेकिन कोई भी बैंक नियामक धोखाधड़ी के सभी मामलों को नहीं पकड़ सकता है। नियामक के लिए यह संभव नहीं कि वह धोखाधड़ी को खत्म करने के लिए हर बैंकिंग गतिविधि में हस्तक्षेप करे।
आरबीआई ने धोखे की आशंका पर पहले किया था आगाह
पीएनबी का हवाला देते हुए पटेल ने कहा कि साइबर जोखिमों को देखते हुए आरबीआई ने संचालन के खतरों के सटीक स्रोत को पहले ही भांप लिया था जिसके जरिए हमें लगता है कि अब धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया है।
विशेष रूप से उन्होंने कहा कि आरबीआई ने 2016 में तीन सर्कुलरों के जरिए सटीक निर्देश जारी किया था, ताकि बैंक इन खतरों को दूर करने में समर्थ हो सकें। अब ऐसा लगता है कि बैंकों ने उस पर अमल नहीं किया। पटेल ने कहा कि आरबीआई बैंकों के विरुद्ध कार्रवाई करेगा।