{"_id":"61fbfa5146e2797e65464d6f","slug":"rbi-cancels-licence-of-independence-co-operative-bank-nashik-says-it-doesnt-have-adequate-capital-and-earning-prospects-news-and-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBI: रिजर्व बैंक ने नासिक के इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया, कहा- इसकी कमाई के जरिए ही नहीं थे","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
RBI: रिजर्व बैंक ने नासिक के इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया, कहा- इसकी कमाई के जरिए ही नहीं थे
Thu, 03 Feb 2022 09:22 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 03 Feb 2022 09:22 PM IST
सार
आरबीआई ने कहा है कि इस बैंक को चलने देना जमाकर्ताओं के हित के खिलाफ है और इसकी मौजूदा वित्तीय स्थिति देखी जाए तो यह बैंक जमाकर्ताओं को पैसे लौटाने की स्थिति में भी नहीं है।
विज्ञापन
भारतीय रिजर्व बैंक
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने नासिक के इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस सहकारी बैंक के पास न तो पर्याप्त पूंजी है और न ही इसकी ओर से कमाई की कोई खास संभावनाएं हैं। इस वजह से यह कदम उठाया जा रहा है।
रिजर्व बैंक ने गुरुवार को बयान में कहा कि तीन फरवरी 2022 से ही कारोबार के घंटे समाप्त होने के बाद इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक कारोबारी गतिविधियां नहीं कर सकेगा। यह बैंक बैंकिग नियमन अधिनियम, 1949 की जरूरतों का अनुपालन करने में विफल रहा है। बयान में कहा गया है कि लिक्विडेशन (परिसमापन) के बाद बैंक के प्रत्येक जमाकर्ता को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये तक की सीमा में जमा बीमा दावा राशि मिलेगी।
बैंक ने जो डेटा उपलब्ध कराया है, उसके मुताबिक, 99 फीसदी से ज्यादा उपभोक्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा की पूरी राशि पाने के हकदार हैं। आरबीआई ने कहा है कि इस बैंक को चलने देना जमाकर्ताओं के हित के खिलाफ है और इसकी मौजूदा वित्तीय स्थिति देखी जाए तो यह बैंक जमाकर्ताओं को पैसे लौटाने की स्थिति में भी नहीं है।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द होने के साथ ही अब यह बैंक किसी भी तरह की कारोबारी गतिविधि में शामिल नहीं हो पाएगा। यह सिर्फ जमा की गई राशि को लौटाने और क्लेम भुगतान पूरे होने तक ही संचालित होगा।
विज्ञापन
रिजर्व बैंक ने गुरुवार को बयान में कहा कि तीन फरवरी 2022 से ही कारोबार के घंटे समाप्त होने के बाद इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक कारोबारी गतिविधियां नहीं कर सकेगा। यह बैंक बैंकिग नियमन अधिनियम, 1949 की जरूरतों का अनुपालन करने में विफल रहा है। बयान में कहा गया है कि लिक्विडेशन (परिसमापन) के बाद बैंक के प्रत्येक जमाकर्ता को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से पांच लाख रुपये तक की सीमा में जमा बीमा दावा राशि मिलेगी।
विज्ञापन
बैंक ने जो डेटा उपलब्ध कराया है, उसके मुताबिक, 99 फीसदी से ज्यादा उपभोक्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा की पूरी राशि पाने के हकदार हैं। आरबीआई ने कहा है कि इस बैंक को चलने देना जमाकर्ताओं के हित के खिलाफ है और इसकी मौजूदा वित्तीय स्थिति देखी जाए तो यह बैंक जमाकर्ताओं को पैसे लौटाने की स्थिति में भी नहीं है।
विज्ञापन
इंडिपेंडेंस को-ऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द होने के साथ ही अब यह बैंक किसी भी तरह की कारोबारी गतिविधि में शामिल नहीं हो पाएगा। यह सिर्फ जमा की गई राशि को लौटाने और क्लेम भुगतान पूरे होने तक ही संचालित होगा।