Hindi News
›
Video
›
Business
›
SBI Research anticipates an RBI interest rate hike—a double whammy of inflation!
{"_id":"6aa5b8a3ab318a561a0a6fd6","slug":"sbi-research-anticipates-an-rbi-interest-rate-hike-a-double-whammy-of-inflation-2026-09-13","type":"video","status":"publish","title_hn":"SBI रिसर्च ने जताई RBI की ब्याज दरें बढ़ने की आशंका,महंगाई का डबल अटैक!","category":{"title":"Business","title_hn":"कारोबार","slug":"business"}}
SBI रिसर्च ने जताई RBI की ब्याज दरें बढ़ने की आशंका,महंगाई का डबल अटैक!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:10 AM IST
Link Copied
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) रिसर्च की ताजा ‘इकोव्रैप’ रिपोर्ट ने भारतीय अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए महंगाई के मोर्चे पर चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले समय में अपनी नीतिगत ब्याज दरों में दो बार 25-25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर सकता है। SBI रिसर्च के अनुसार, अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट में 25 आधार अंकों की वृद्धि की जा सकती है और इसके बाद दिसंबर में भी इतनी ही बढ़ोतरी की संभावना है। रिपोर्ट में इस संभावित कदम का मुख्य कारण बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल को बताया गया है। यदि ऐसा होता है, तो कर्ज लेने वाले लोगों पर ब्याज का बोझ बढ़ सकता है और होम लोन, ऑटो लोन तथा अन्य ऋणों की EMI महंगी होने की आशंका है।
SBI रिसर्च ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित दर वृद्धि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों से स्वतंत्र हो सकती है। यानी RBI अपने फैसले को मुख्य रूप से घरेलू आर्थिक परिस्थितियों, महंगाई और लागत के दबाव को देखते हुए तय कर सकता है। रिपोर्ट में 2022 का उदाहरण भी दिया गया है, जब RBI ने घरेलू परिस्थितियों के आधार पर मौद्रिक नीति में सख्त रुख अपनाया था। इस बार भी SBI रिसर्च ने अक्टूबर की नीति में 25 आधार अंकों की वृद्धि की जोरदार वकालत की है और दिसंबर में एक और समान वृद्धि की संभावना जताई है।
महंगाई के दबाव को बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारक इस समय कच्चे तेल की कीमतों को माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमत हाल में 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुकी है। इसके पीछे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता को प्रमुख कारण बताया गया है। SBI रिसर्च का अनुमान है कि यदि मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो अगले 15 दिनों में कच्चे तेल की कीमत 123 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। वहीं, एक वैकल्पिक मॉडल के अनुसार औसत कीमत करीब 105 डॉलर प्रति बैरल रह सकती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू ईंधन और परिवहन लागत पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट की सबसे अहम चिंता यह है कि महंगाई अब कुछ चुनिंदा वस्तुओं तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसका दायरा व्यापक होता दिखाई दे रहा है। SBI रिसर्च के विश्लेषण के अनुसार, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI में 90 प्रतिशत भारित योगदान देने वाली वस्तुओं की संख्या जनवरी 2026 में 22 थी, जो जुलाई तक बढ़कर 53 हो गई। इसका मतलब है कि महंगाई का दबाव अर्थव्यवस्था के अधिक हिस्सों में फैल रहा है। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस जैसे क्षेत्रों में इनपुट लागत तेजी से बढ़ने के साथ-साथ पेय पदार्थ, फार्मास्युटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर भी लागत का दबाव दिखाई दे रहा है। कंपनियों की लागत बढ़ने पर उसका कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं तक पहुंच सकता है, जिससे आने वाले समय में वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में और वृद्धि की संभावना बनती है।
कुल मिलाकर, SBI रिसर्च की रिपोर्ट RBI के सामने एक कठिन चुनौती की ओर इशारा करती है। एक तरफ आर्थिक विकास को गति देने के लिए ब्याज दरों को नियंत्रित रखना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई को काबू में रखने के लिए मौद्रिक नीति को सख्त करना पड़ सकता है। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और महंगाई का दबाव और व्यापक होता है, तो RBI को ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। इसका असर आम उपभोक्ताओं से लेकर कारोबार और निवेश तक कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।