SC के बैन के बाद भी नहीं थमा तीन तलाक का मुद्दा, सामने आए सौ से ज्यादा मामले
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केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिए जाने के बाद भी पूरे देश भर में अभी तक सौ से ज्यादा तीन तलाक के मामले सामने आए हैं। हालांकि यह बयान उन्होंने पिछले हफ्ते लोकसभा में दिया था।
गौरतलब है कि लोकसभा में कर्नाटक के बीएसआरसी पार्टी के बी श्रीरामुलु और सामजवादी पार्टी के नेता तेज प्रसाद सिंह ने तीन तलाक के मुद्दे पर सवाल उठाया था। जिसके जवाब में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराए जाने के बाद भी पूरे देश में अभी तक सौ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें महिलाओं को तीन तलाक का शिकार होना पड़ा है।
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बता दें कि 22 अगस्त 2017 को 5 जजों की संवैधानिक पीठ में से तीन जजों ने तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया, जबकि दो ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। जिसके बाद एक साथ तीन तलाक पर प्रतिबंध था। मगर इसके बावजूद भी देशभर से इस तरह के बहुत सारे मामले सामने आए हैं। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही मामलों से रू-ब-रू करवाते हैंः-
-28 दिसंबरः- दरअसल, यह मामला रामपुर के अजीमनगर का है, जहां सुबह में देर से उठने के कारण पति ने पत्नी को तीन तलाक दे दिया।
-27 दिसंबरः- यह मामला हैदराबाद का है, जहां घौसिया बेगम नाम की एक युवती को उसके पति जहरान अल रजही ने फोन पर तलाक दे दिया। जिसके बाद बेगम ने अपने पति से मुआवजे दिलाने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपील की थी।
-26 दिसंबरः- मामला उत्तर प्रदेश के लखनऊ का है, जहां एक पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति ने फोन पर उसे तलाक दे दिया। क्योंकि उसकी शादी काफी कम उम्र में हो गई थी और वो अपनी पढ़ाई को जारी रखना चाहती थी।
-22 दिसंबरः- यह मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का है, जहां एक युवक ने तीन अन्य लोगों के साथ अपनी पत्नी से गैंगरेप किया और उसके बाद उसे तलाक दे दिया। बता दें कि महज सात दिन पहले ही महिला की शादी हुई थी।
-11 दिसंबरः- एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने दहेज के लिए उसे तलाक दे दिया।
-10 दिसंबरः- मामला उत्तर प्रदेश के बरेली जिले का है, जहां एक महिला का आरोप है कि वो प्रधानमंत्री की रैली में गई थी और तीन तलाक को सपोर्ट कर रही थी। इस वजह से उसके पति ने उसे तलाक दे दिया।
-21 नवंबरः- यह मामला हैदराबाद का है, जहां रीयल स्टेट एजेंट ने अपनी पत्नी को फोन पर तलाक दे दिया था।
-12 नवंबरः- यह मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का है, जहां एएमयू विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर ने अपनाी पत्नी को व्हाट्सऐप और टेक्स्ट पर मैसेज कर तलाक दे दिया था। इस दौरान प्रोफेसर की पत्नी ने यह भी कहा था कि वो विश्वविद्याललय के कुलपति के घर के आगे सुसाइड कर लेंगी।
-26 अक्टूबरः-एक एनआरआई पति ने न्यूज पेपर में विज्ञापन छपवाकर अपनी पत्नी को तलाक दे दिया। मामला हैदराबाद का है।
-22 सितंबरः-23 साल की युवती ने राजकोट महिला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई कि उसके पति ने उसे तलाक दे दिया और 18 महीने पहले उसे घर से भी निकाल दिया। उसके साथ तीन साल का बच्चा भी है।