{"_id":"5c4f2481bdec2205dc401535","slug":"ravi-shankar-prasad-resigns-wearing-black-coat-and-pleading-in-the-supreme-court-congress","type":"story","status":"publish","title_hn":"रविशंकर प्रसाद इस्तीफा दें, काला कोट पहनें और सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश करें : कांग्रेस","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रविशंकर प्रसाद इस्तीफा दें, काला कोट पहनें और सुप्रीम कोर्ट में दलील पेश करें : कांग्रेस
Mon, 28 Jan 2019 09:42 PM IST
अमित मंडल
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला,नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला,नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Mon, 28 Jan 2019 09:42 PM IST
विज्ञापन
मनीष तिवारी
- फोटो : SELF
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, विभिन्न पार्टियों के नेता एक दूसरे को नसीहत देने लगे हैं।किसी के बयान का कुछ मतलब होता है, मगर विपक्षी नेता उसमें अपना वक्तव्य जोड़कर उसे नया रंग दे देते हैं। सोमवार को कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने भी केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद को एक सलाह दे डाली। उन्होंने कहा, मंत्री जी इस्तीफा दें, काला कोट पहन लें और सुप्रीम कोर्ट में जाकर दलील पेश करें।
विज्ञापन
उन्होंने यह सलाह रविशंकर प्रसाद के उस बयान को लेकर दी है जिसमें केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि देश के लोगों की इच्छा है कि राम मंदिर अयोध्या में बने। एक प्रेसवार्ता में मनीष तिवारी से रविशंकर प्रसाद के इसी बयान को लेकर एक सवाल पूछा गया था।केंद्रीय विधि मंत्री ने सोमवार को राम मंदिर के मामले में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, देश के लोगों की इच्छा है कि राम मंदिर अयोध्या में बने। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कह दिया कि एक केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक आम नागरिक के नाते मेरी भी यही इच्छा है।
विज्ञापन
दो दिवसीय दौरे पर पटना आए केंद्रीय मंत्री ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा कि राम मंदिर से इस देश के लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। सभी लोगों की इच्छा है कि राम मंदिर अयोध्या में बने। उन्होंने कहा, 70 सालों से इस मामले को लटकाया जा रहा है। जल्द से जल्द इसका समाधान किया जाना चाहिए, ताकि राम मंदिर बनने का रास्ता साफ हो सके। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने उनके इस बयान पर ऐतराज जताया है। तिवारी के मुताबिक, रविशंकर प्रसाद का यह एक गैर-जिम्मेदाराना बयान है। उन्हें इतनी चिंता है तो वे मंत्री पद से इस्तीफा दें और काला कोट पहन लें। इसके बाद वे सुप्रीम कोर्ट में जाकर इस मुद्दे पर दलील पेश करें।
विज्ञापन
एनडीए भाजपा सरकार ने सभी संवैधानिक संस्थाओं को खत्म करने का काम किया है। आज कोई भी संस्था ऐसी नहीं बची है, जिसमें एनडीए सरकार हस्तक्षेप नहीं कर रही हो। सीबीआई और ईडी का उदाहरण सबके सामने है। केंद्रीय मंत्री न्यायपालिका को नसीहत न दें, बल्कि अदालतों का सम्मान करें।