फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Ratan Tata Personal Note To Narasimha Rao ForOpening Up Of India shared by harsh goenka

'हर भारतीय आपका कर्जदार...': रतन टाटा की इस पूर्व प्रधानमंत्री को लिखी गई चिट्ठी वायरल, जानें क्या कहा था

Wed, 16 Oct 2024 10:08 AM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: श्वेता महतो Updated Wed, 16 Oct 2024 10:08 AM IST
सार

Ratan Tata's Personal Note To Narasimha Rao: इस चिट्ठी में भारत की प्रगति के लिए रतन टाटा की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। हर्ष गोयनका ने इस चिट्ठी को साझा करते हुए कहा कि एक खूबसूरत इंसान की सुंदर लिखावट। 
 

विज्ञापन
Ratan Tata Personal Note To Narasimha Rao ForOpening Up Of India shared by harsh goenka
रतन टाटा ने नरसिम्हा राव को लिखी चिट्ठी - फोटो : X/Harsh Goenka, ANI

विस्तार

देश के दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि देते हुए आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने एक चिट्ठी साझा की। यह चिट्ठी रतन टाटा ने 1996 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने भारत में आर्थिक सुधारों की शुरुआत करने में नरसिम्हा राव की उपलब्धि के प्रति सम्मान व्यक्त किया। साल 1996 में भारत की अर्थव्यवस्था का चेहरा बदलने और इसे सुधार के रास्ते पर ले जाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भारतीय आर्थिक सुधारों का जनक भी कहा जाता है। 
विज्ञापन


भारत को वैश्विक समुदाय का हिस्सा बनाने के लिए पूर्व पीएम की सराहना करते हुए रतन टाटा ने लिखा, "प्रत्येक भारतीय आपका कर्जदार है।" इस चिट्ठी में भारत की प्रगति के लिए रतन टाटा की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। हर्ष गोयनका ने इस चिट्ठी को साझा करते हुए कहा, "एक खूबसूरत इंसान की सुंदर लिखावट।"
विज्ञापन


रतन टाटा ने इस चिट्ठी में आगे लिखा, "मुझे लगता है कि आपकी (नरसिम्हा राव) उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं और उन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता है। इस चिट्ठी का उद्देश्य केवल आपको यह बताना है कि मेरे विचार और शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ हैं। आपके पास एक व्यक्ति ऐसा हो सकता है जो आपके काम को न कभी भूला है और न कभी भूलेगा।" हालांकि, इस चिट्ठी को स्पष्ट रूप से व्यक्तिगत बताया गया है। इसे 27 अगस्त 1996 को टाटा समूह के मुख्य कार्यालय बॉम्बे हाउस के एक कागज पर लिखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन




पिछले हफ्ते हुआ था निधन
बता दें कि पिछले हफ्ते नौ अक्तूबर को देश के मशहूर उद्दोगपति रतन टाटा का निधन हो गया था। उम्र से जुड़ी बीमारी के बाद 86 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई में अंतिम सांस ली। वे दो दिन पहले ही स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल में भर्ती हुए थे। बुधवार को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद डॉक्टरों की टीम तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हें नहीं बचाने में कामयाब नहीं हो सकी। बता दें कि निधन से एक दिन पहले भी टाटा के आईसीयू में भर्ती होने के दावे किए गए थे, लेकिन खुद टाटा ने इसका खंडन कर दिया था। रतन टाटा अपनी सादगी और सरल स्वभाव की वजह से जाने जाते थे। उदारीकरण के दौर के बाद टाटा समूह आज जिस ऊंचाइयों पर है, उसे यहां तक पहुंचाने में रतन टाटा बहुत बड़ा योगदान है। टाटा का जन्म 28 दिसंबर, 1937 को हुआ था। वे टाटा समूह के संस्थापक जमशेदजी टाटा के दत्तक पोते नवल टाटा के पुत्र थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed