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One Nation One Election: 'एक साथ चुनाव राष्ट्रहित में, किसी दल से लेना-देना नहीं', रामनाथ कोविंद ने कही यह बात
Tue, 21 Nov 2023 04:04 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायबरेली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Tue, 21 Nov 2023 04:04 PM IST
सार
एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर तमाम चर्चाएं चल रही है। गठित समिति के अध्यक्ष और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसको लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा, एक साथ चुनाव राष्ट्रहित में है, राजस्व बचत के लिए यह फायदेमंद है।
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पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एक राष्ट्र-एक चुनाव को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा, एक साथ देशभर में चुनाव राष्ट्रहित में है। इसका किसी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। बता दें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक राष्ट्र-एक चुनाव की संभावनाओं को ढूंढने के लिए एक आठ सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
कोविंद बोले, राष्ट्र के लिए फायदेमंद
इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना राष्ट्र के फायदेमंद में होगा। इससे बचे राजस्व को अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है। मैं इस मुद्दे पर सभी दलों से अनुरोध करता हूं क्योंकि यह राष्ट्रहित के लिए है। इस मुद्दे का किसी पार्टी से लेना-देना नहीं है।
कोविंद ने कहा- कई संस्थान इसके पक्ष में हैं
संसदीय समिति, चुनाव आयोग, नीति आयोग और अन्य समिति के विचारों पर बात करते हुए पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, सभी संस्थान मानते हैं कि देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव को फिर से पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, केंद्र ने इस मुद्दे के लिए एक समिति गठित की है। जिसका मुझे अध्यक्ष बनाया गया है। हम लोगों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं, जिसके बाद केंद्र को सुझाव दिया जाएगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव को कैसे लागू किया जाए इसके लिए हमने सभी राष्ट्रीय दलों से सुझाव मांगे हैं। हम सभी दलों से इस मुद्दे पर सहयोग की उम्मीद करते हैं।
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कोविंद बोले, किसी विशेष दल को इसका लाभ नहीं
उन्होंने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि इस मुद्दे से विशेष राजनीतिक दल को लाभ होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। केंद्र में कौन सा दल सत्ता में आता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। जो भी आएगा उसे ही लाभ होगा, यदि यह लागू होता है। साफतौर पर इससे राजस्व की बचत भी होगी, जिसका इस्तेमाल अन्य योजनाओं में किया जाएगा। सितंबर माह में गठित समिति की पहली बैठक हुई थी, जिसमें रूपरेखा तैयार की गई और राष्ट्रीय दलों से सुझाव भी मांगे गए।
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कोविंद बोले, राष्ट्र के लिए फायदेमंद
इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, पूरे देश में एक साथ चुनाव कराना राष्ट्र के फायदेमंद में होगा। इससे बचे राजस्व को अन्य विकास कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है। मैं इस मुद्दे पर सभी दलों से अनुरोध करता हूं क्योंकि यह राष्ट्रहित के लिए है। इस मुद्दे का किसी पार्टी से लेना-देना नहीं है।
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कोविंद ने कहा- कई संस्थान इसके पक्ष में हैं
संसदीय समिति, चुनाव आयोग, नीति आयोग और अन्य समिति के विचारों पर बात करते हुए पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, सभी संस्थान मानते हैं कि देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव को फिर से पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, केंद्र ने इस मुद्दे के लिए एक समिति गठित की है। जिसका मुझे अध्यक्ष बनाया गया है। हम लोगों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं, जिसके बाद केंद्र को सुझाव दिया जाएगा। एक राष्ट्र-एक चुनाव को कैसे लागू किया जाए इसके लिए हमने सभी राष्ट्रीय दलों से सुझाव मांगे हैं। हम सभी दलों से इस मुद्दे पर सहयोग की उम्मीद करते हैं।
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कोविंद बोले, किसी विशेष दल को इसका लाभ नहीं
उन्होंने कहा, कुछ लोगों को लगता है कि इस मुद्दे से विशेष राजनीतिक दल को लाभ होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। केंद्र में कौन सा दल सत्ता में आता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। जो भी आएगा उसे ही लाभ होगा, यदि यह लागू होता है। साफतौर पर इससे राजस्व की बचत भी होगी, जिसका इस्तेमाल अन्य योजनाओं में किया जाएगा। सितंबर माह में गठित समिति की पहली बैठक हुई थी, जिसमें रूपरेखा तैयार की गई और राष्ट्रीय दलों से सुझाव भी मांगे गए।