राम मंदिर: अब तक जुटे 2500 करोड़, राजस्थान से सबसे ज्यादा, बंगाल और केरल में मिला जबरदस्त सहयोग
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अभी तक हमारे पास 2500 करोड़ रुपए आ गए हैं। हालांकि ये अंतिम आंकड़ा नहीं है। अभी की जानकारी के अनुसार राजस्थान से सबसे ज्यादा राशि प्राप्त हुई है।
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अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बनने वाले मंदिर निर्माण के लिए शुरू हुआ देशव्यापी समर्पण निधि अभियान संपन्न हो गया है। देशभर में 44 दिन चले इस अभियान में 4 मार्च तक 2500 करोड़ रुपए रुपये का चंदा इकट्ठा हुआ है। आगामी तीन वर्षों में राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि अभी तक हमारे पास 2500 करोड़ रुपए आ गए हैं। हालांकि ये अंतिम आंकड़ा नहीं है। अभी की जानकारी के अनुसार राजस्थान से सबसे ज्यादा राशि प्राप्त हुई है। वहीं तमिलनाडु से 85 करोड़, केरल से 13 करोड़ और पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश से 4.5 करोड़, मणिपुर से 2 करोड़, मिजोरम से 21 लाख, नागालैंड से 28 लाख और मेघालय से 85 लाख की राशि प्राप्त हुई है। लोग ऑनलाइन भी अपनी सहयोग राशि जमा कर सकते हैं। मार्च से ही प्रत्येक जिले में अभियान का ऑडिट भी पूरा हो जाएगा।
10 करोड़ परिवार से जुटी राशि
समर्पण निधि अभियान में कई राज्यों की पुलिस प्रशासन द्वारा बाधा पहुंचाने के सवाल पर राय ने कहा कि तमिलनाडु में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं को परेशान करने की जानकारी आई है। लेकिन पश्चिम बंगाल और केरल से ऐसी कोई भी शिकायत हमारे पास नहीं है। दोनों ही राज्यों में लोगों ने सहयोग किया है।
चंपत राय ने कहा कि हम 4 लाख गांवों में समर्पण के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल हुए हैं। शहरी क्षेत्रों के सभी वार्डों में संपर्क हुआ है। हालांकि अभी परिवारों के आंकड़े आने बाकी हैं लेकिन अनुमानत: 10 करोड़ परिवारों से हमारा संपर्क हुआ है। इस दौरान विदेशों में रहने वाले रामभक्तों से हमारा निवेदन है कि वे थोड़ी प्रतीक्षा और करें। कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर सभी को इसके बारे में जानकारी दी जाएगी।
9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर किया सपंर्क
उन्होंने आगे कहा कि इस अभियान में 1,75,000 टोलियों में लगभग 9 लाख कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संपर्क किया। 38125 कार्यकर्ताओं के माध्यम से समर्पण निधि बैकों में जमा हुई। संपूर्ण अभियान की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जहां देश भर में 49 नियंत्रण केंद्र बनाए गए, वहीं दिल्ली स्थित मुख्य केंद्र में दो चार्टर्ड एकाउंटेंट के नेतृत्व में अकाउंट्स की निगरानी के लिए 23 योग्य कार्यकर्ताओं ने पूरे भारत से लगातार संपर्क साधकर रखा।
वहीं, हैदराबाद की धनुषा इन्फोटेक कंपनी द्वारा बनाए गए एप ने कार्यकर्ताओं, बैंकों तथा न्यास के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य किया। जन्मभूमि पर चल रहे कार्य की स्थित के बारे में बताते हुए चंपत राय ने कहा कि वहां नींव की खुदाई तथा मलबा हटाने का कार्य लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है। उम्मीद है कि अप्रैल से नींव की भराई का काम भी शुरू हो जाएगा।